आज का संदेश TODAY'S MESSAGE

नराकास वार्षिक राजभाषा पुरस्कार - TOLIC ANNUAL OL AWARDS 2009-10

Saturday, April 4, 2009

कोडैकेनाल में भारतीय खाद्य निगम की क्षेत्रीय हिंदी कार्यशाला आयोजित








हिंदी मीठी भाषा है, हिंदी बोलना और पढ़ना भी आसान है - चिन्न कुलंदै




भारतीय खाद्य निगम, चेन्नई अंचल की ओर से कोडैकेनाल में आज दि.4 अप्रैल, 2009 को क्षेत्रीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । राजभाषा अधिकारी डॉ. वी. एलुमलै, सहायक महाप्रबंधक ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला का उद्घाटन श्री पी. चिन्न कुलंदै, उप महाप्रबंधक (तना) ने किया । उन्होंने अपने उद्घाटन भाषाण में प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि हिंदी मीठी भाषा है, हिंदी बोलना और पढ़ना भी आसान है । हिंदी गीत सुनते तथा टी.वी. कार्यक्रम देखते हुए जहाँ हिंदी का मौखिक ज्ञान बढ़ा सकते हैं, वही दफ़्तर की फाइलों में छोटी-छोटी टिप्पणियों से शुरू करके हिंदी का प्रयोग शुरू करने से राजभाषा हिंदी में पूरी कुशलता हासिल की जा सकती है । उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर एवं सहायक निदेशक (राजभाषा), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कोयंबत्तूर ने कहा कि हिंदी भारत सरकार की राजभाषा है, सरकारी कामकाज में इसका प्रयोग करना हमारा नैतिक दायित्व है । आज सारकारी कामकाज में कंप्यूटरों का प्रयोग बढ़ने के कारण हमें अब यह ज़रूरी है कि राजभाषा कार्यान्वयन कार्य में भी कंप्यूटरों का प्रयोग बढ़ाएं । यूनिकोड के विकास ने आज ई-मेल, वेबसाइट आदि में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग सुगम बनाया है । भाषाई अनुप्रयोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा साधनों का उपयोग करते हुए हम राजभाषा कार्यान्वयन का दायित्व भी आसानी से पूरा कर सकते हैं । डॉ. वी. एलुमलै ने हिंदी कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी कार्यशाला पुनश्चर्या कार्यक्रम के रूप में पदधारियों का हिंदी ज्ञान बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है । प्रथम सत्र में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान, टिप्पण एवं आलेखन, सरल व मानक हिंदी प्रयोग के संबंध में पवरपाइंट प्रस्तुति के साथ व्याख्यान दिया एवं प्रतिभागियों से टिप्पण एवं आलेखन का समुचित अभ्यास करवाया । दूसरे सत्र में डॉ. वी. एलुमलै ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन एवं प्रयोग, भारतीय खाद्य निगम में हिंदी की प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया । तीसरे सत्र में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने कंप्यूटर पर हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के लिए यूनिकोड के प्रयोग के संबंध में पवर पाइंट प्रस्तुती के साथ व्याख्यान दिया ।
कार्यशाला में तमिलनाडु क्षेत्र के विभिन्न जिला कार्यालयों, डिपो कार्यालयों तथा गोदामों से पधारे अधिकारी उपस्थित हुए ।

Friday, March 27, 2009

राष्ष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम में हिंदी कार्यशाला संपन्न



राष्ष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर में दि.25 मार्च, 2009 को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी इस कार्यशाला में उपस्थित हुए । श्री. संजय खरे, उप प्रबन्धक (वि. एवं लेखा) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया । तदवसर पर उन्होंने कहा कि निगम के कोयंबत्तूर क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकांश कार्य हिंदी में ही किया जाता है और स्टॉफ सदस्य वार्तालाप भी हिंदी में ही करते हैं । क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी श्री एस. मलिक, वरिष्ठ प्रबंधक (वाणिज्य) ने कार्यशाला का उद्घाटन किया । अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे अपने दैनिक कामकाज में हिंदी को अपनाएं ।
इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं व्याख्याता के रूप में उपस्थित डॉ. सी. जयशंकर बाबु, सदस्य-सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने भाषाई कंप्यूटिंग के लिए उपलब्ध संसाधनों के संबंध में पवर पाइंट प्रस्तुति के साथ व्याख्यान दिया । यूनिकोड का इस्तेमाल करते हुए ई-मेल, वेब साइट आदि में हिंदी के प्रयोग करने के संबंध में अत्यंत सुलभशैली में जानकारी दी तथा इन्स्क्रिप्ट की-बोर्ड का प्रयोग करते हुए आसानी के साथ हिन्दी व अन्य भारतीय भाषाओं में टंकण करने का प्रशिक्षण भी दिया। मशीनी अनुवाद के प्रयोग के संबंध में भी उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला ।
वरिष्ठ प्रबंधक-वाणिज्य श्री. एस. मलिक एवं उप प्रबंधक-वि. एवं लेखा ने हिंदी में पत्र लेखन तथा टिप्पणी लेखन की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया तथा मुख्य अतिथि को धन्यवाद देते हुए कार्यशाला का समापन किया। राजभाषा को प्रोत्साहन देने हेतु हिंदी वाक्यांश के लिये शब्द ज्ञान प्रतियोगिता में क्षेत्रीय कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सहर्ष भाग लिया। वरिष्ठ प्रबंधक -वाणिज्य, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर द्वारा उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अधिक से अधिक यूनिकोड के माध्यम से हिंदी में अभ्यास करने के लिए कहा एवं हिंदी में किये गए कार्यों की सराहना की।

Tuesday, March 24, 2009

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कार्यशाला आयोजित

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर सभी स्वगत करते हुए श्री प्रवीण कुमार, (बाएं से) डॉ. एम.के.एस. नायुडु, डॉ. सी.ए. मनोरंजन, डॉ. सी. जय शंकर बाबु, डॉ. एम. जानसन, श्री गौतम कुमार मीणा दर्शित हैं ।

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कंप्यूटिंग पर व्याख्यान देते हुए डॉ. सी. जय शंकर बाबु



ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि., क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर में आज दि.24 मार्च, 2009 को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । राजभाषा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डॉ. सी.ए. मनोरंजन, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित किया । उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने कहा कि आज राजभाषा कार्यान्वयन कार्य में भी कंप्यूटरों के प्रयोग की ज़रूरत है । यूनिकोड के विकास के कारण हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग ई-मेल, वेब साइट तथा अन्य वेब अनुप्रयोगों के अब तमाम दिक्कतें समाप्त हो चुकी हैं । उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. एम.के.एस. नायुडु तथा डॉ. एम. जानसन ने भी हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला एवं सरकारी कामकाज में हिंदी को अपनाने के लिए सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों से अनुरोध किया । कोचिन क्षेत्रीय कार्यालय के राजभाषा अधिकारी श्री गौतम कुमार मीणा ने हिंदी से संबंधित विभागीय प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डाला ।
प्रथम सत्र में कंप्यूटर पर भाषाई अनुप्रयोगों के लिए उपलब्ध संसाधनों के संबंध में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने पवर पाइंट प्रस्तुती के साथ व्याख्यान दिया तथा कंप्यूटर पर हिंदी तथा अन्य सभी भारतीय भाषाओं के प्रयोग के लिए यूनिकोड के उपयोग के संबंध में अपेक्षित प्रशिक्षण दिया । कई भाषाओं में कंप्यूटर में शब्द-संसाधन हेतु आवश्यक तकनीकों की जानकारी भी उन्होंने दिया ।
द्वितीय सत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सहायक निदेशक (राजभाषा) तथा युनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के हिंदी अधिकारी श्री ए. सूर्य प्रकाश ने हिंदी प्रयोग के संबंध में व्याख्यान दिए । इस कार्यशाला का संयोजन ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि., क्षेत्रीय कार्यालय के राजभाषा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने किया ।

Thursday, December 18, 2008

कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह संपन्न



कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह दि.17 दिसंबर, 2008 को सुसंपन्न हुआ । बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री एन। ए। नायर, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने की । बैठक का शुभारंभ श्रीमती एस. लता के प्रार्थना गीत से हुआ । समिति के सदस्य-सचिव एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सहायक निदेशक (राजभाषा) डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने सभी अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत किया और समिति की गतिविधियों का परिचय दिया ।
समिति के अध्यक्ष श्री एन. ए. नायर जी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देना हमारा दायित्व है । इस दायित्व की पूर्ति की दिशा में आनेवाली कठिनाइयों के संबंध में आपसी विचार-विमर्श के लिए एक संयुक्त मंच के रूप में नगर राजभाषा कार्यान्वन समिति की विशिष्ट भूमिका है । उन्होंने कहा कि कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति अपने उद्देश्यों एवं कार्यों में काफ़ी सक्रिय है एवं राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में सामयिक चेतना के साथ गतिशील है । समिति के सदस्य-कार्यालयों के उपयोगार्थ सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु द्वारा बनाई गई राजभाषा साधन सी.डी. के द्वारा कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा मिला है । कंप्यूटरों में हिंदी प्रयोग को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था भी समिति के द्वारा की गई है । हाल ही समिति के द्वारा आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी कार्यशाला के संबंध में भी काफ़ी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है । हिंदी में कार्य करने की प्रेरणा बढ़ाने के लिए स्टॉफ़ सदस्यों के लिए उत्तर भारत के कार्यालयों में कार्य का अध्ययन करने हेतु अध्ययन यात्राओं की योजना बनाने के संबंध में प्रस्ताव रखते हुए उन्होंने कहा कि इससे हिंदी के साथ उनका संपर्क बढ़ जाएगा और उन्हें हिंदी में कार्य करने की अच्छी प्रेरणा भी मिल जाएगी ।
बैठक में उपस्थित हिंदी शिक्षण योजना के सर्वकार्यभारी अधिकारी श्री अशोक सक्सेना जी ने कहा कि हिंदी शिक्षण योजना की सेवाओं का उपयोग करते हुए सभी कार्यालयों के प्रधान अपने यहाँ प्रशिक्षण के लिए शेष सभी स्टॉफ सदस्यों को प्रशिक्षण दिलवाए । हिंदी में कार्य शुरू करने में कठिनाई महसूस हो तो अंग्रेजी के साथ हिंदी को भी मिलाकर राजभाषा के प्रयोग को बढ़ाने का प्रयास किया जाए ।
भारत संचार निगम लिमिटेड के प्रधान महाप्रबंधक श्री ए. शाजहान जी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की गतिविधियों में गतिशीलता के कारण कोयंबत्तूर नगर स्थित सरकारी कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन में अच्छी प्रगति हासिल हुई है ।
सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने बताया कि हर वर्ष मई तथा अक्तूबर महीनों में संपन्न होनेवाली समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठकों में कार्यालय प्रधानों का उपस्थित होना तथा समीक्षार्थ राजभाषा कार्यान्वयन की अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट समिति को समय पर प्रस्तुत करना आवश्यक है । उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हिंदी शिक्षण की नियमित कक्षाओं में किसी करणवश किन्हीं स्टॉफ सदस्यों को शामिल नहीं किया जा सकता तो उन्हें पत्रचार प्रशिक्षण अथवा राजभाषा विभाग के पोर्टल के माध्यम से चलाए जा रहे लीला प्रबोध प्रवीण एवं प्राज्ञ ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के मध्यम से प्रशिक्षण दिलवाया जा सकता है । राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग बढ़ाने पर भी उन्होंने बल दिया ।
तदनंतर सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई । बैठक में चर्चित महत्वपूर्ण मद इस प्रकार हैं –
Ø कोयंबत्तूर नगर में हिंदी शिक्षण योजना को प्रभावी बनाने हेतु अतिरिक्त हिंदी प्राध्यापकों की तैनाती तथा हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु रिक्त सहायक निदेशक (टंकण एवं आशुलिपि) पद पर तुरंत तैनाती हेतु राजभाषा विभाग को प्रस्ताव सर्वकार्यभारी अघिकारी के कार्यालय द्वारा भेजे जाएं ।
Ø कोयंबत्तूर नगर में अल्पकालीन गहन हिंदी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की व्यवस्था हेतु भी सर्वकार्यभारी अघिकारी, हिंदी शिक्षण योजना द्वारा प्रयास किया जाए ।
Ø समिति की ओर से नियमित रूप से कोयंबत्तूर में कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी ।
Ø सभी कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) में निर्धारित 14 प्रकार के दस्तावेज द्विभाषी रूप में जारी करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
Ø राजभाषा विभाग द्वारा वार्षिक कार्यक्रम में ‘ग’ क्षेत्र में पत्राचार के लिए निर्धारित लक्ष्य 55 प्रतिशत हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
Ø राजभाषा नियम, 1976 के नियम-11 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी रबड़ मुहरें तथा कार्यालय के नामपट्ट, सूचना पट्ट आदि नियमानुसार द्विभाषी / त्रिभाषी रूप में बनवाना सुनिश्चित किया जाए ।
Ø राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2008-09 के लिए जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित सभी लक्ष्य हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
Ø समिति द्वारा उच्च अधिकारियों के लिए राजभाषा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम निकट भविष्य में आयोजित करने का प्रयास किया जाए ।
Ø समिति की पत्रिका तथा सदस्य-निर्देशिका का प्रकाशन यथाशीघ्र किया जाए ।
Ø हिंदी में वैज्ञानिक लेखन को बढ़ावा देने हेतु वैज्ञानिकों के लिए समिति के तत्वावधान में गन्ना प्रजनन संस्थान की ओर से एक संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा ।
बैठक की कार्यवाही समाप्त होने के बाद राजभाषा कार्यान्वयन में श्रेष्ठ कार्य-निष्पादन हेतु वार्षिक पुरस्कारों का वितरण समिति के अध्यक्ष श्री एन.ए. नायर के कर कमलों से किया गया ।
सरकारी कार्यलय वर्ग में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं आयकर कार्यलय को विशिष्ट पुरस्कार, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल को प्रथम पुरस्कार, एस एंड टी कर्मशाला को द्वितीय पुरस्कार, गन्ना प्रजनन संस्थान को तृतीय पुरस्कार एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम, कंपनी पंजीयक का कार्यालय और केंद्रीय विद्यालय, सूलूर को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए ।
सरकारी उपक्रम वर्ग के अंतर्गत भारत संचार निगम लिमिटेड एवं नेशनल टेक्सटाईल कार्पोरेशन लिमिटेड को विशिष्ट पुरस्कार, भारतीय कपास निगम लिमिटेड को प्रथम पुरस्कार, भारतीय खाद्य निगम को द्वितीय पुरस्कार, स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को तृतीय पुरस्कार, इरुगूर इंस्टलेशन, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए ।
श्रेष्ठ राजभाषा पत्रिकाओं के लिए दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों के अंतर्गत सरकारी कार्यालय वर्ग में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा प्रकाशित कोंगु निधि को विशिष्ट पुरस्कार, आयकर कार्यालय द्वारा प्रकाशित आयकर प्रसून को प्रथम पुरस्कार, वायु सेना के बेस मरम्मत डिपो, सूलूर द्वारा प्रकाशित इंद्रधनुष को द्वितीय पुरस्कार, केंद्रीय विद्यालय, सूलूर द्वारा प्रकाशित विद्यालय पत्रिका के लिए तृतीय पुरस्कार तथा सरकारी उपक्रम वर्ग में भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा प्रकाशित अमृतवाणी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किए गए ।
समिति के द्वारा आयोजित हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कारों का वितरण किया गया । अंत में सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ ही बैठक सुसंपन्न हुई।

विशिष्ट पुरस्कार विजेता


कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर

विशिष्ट पुरस्कार विजेता

भारत संचार निगम लिमिटेड, कोयंबत्तूर