आज का संदेश TODAY'S MESSAGE

नराकास वार्षिक राजभाषा पुरस्कार - TOLIC ANNUAL OL AWARDS 2009-10

Tuesday, August 18, 2009

न.रा.का.स., कोयंबत्तूर द्वारा हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन


हिंदी पखवाड़ा - 2009
हिंदी प्रतियोगताएँ

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक

Half-Yearly Meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Coimbatore

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अगली अर्द्ध-वार्षिक बैठक दिनांक 25-8-2009 को अपराह्न 2:30 बजे कम्यूनिटी हाल, बी।एस.एन.एल. स्टॉफ क्वार्टर्स (पी.एंड टी. क्वार्टर्स), एन.एस.आर. रोड, साई बाबा कालोनी, कोयंबत्तूर-641011 (दूरभाष/Phone:2432466, 2443700) में आयोजित की जाएगी। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशों के अनुपालन में कार्यालय प्रधान का बैठक में उपस्थित होना अनिवार्य है।

Half-Yearly meeting of the TOLIC, Coimbatore will be convened on 25-8-2009 at 2:30 p.m. at the Community Hall, BSNL Staff Quarters (P & T Quarters), NSR Road, Sai Baba Colony, Coimbatore - 641 011 (Ph. No: 2432466, 2443700). In compliance with the directions issued by the Govt. of India, Ministry of Home Affairs, Dept. of Official Language, the Head of the Office has to attend the meeting. Hence it is requested kindly to attend the above said meeting without fail.

Thursday, June 11, 2009

जलवायु परिवर्तन एवं उसके प्रभाव पर एक दिवसीय संगोष्ठी 10 जुलाई, 2009 को

जलवायु परिवर्तन एवं उसके प्रभाव पर एक दिवसीय संगोष्ठी
10 जुलाई, 2009

ONE DAY SEMINAR ON CLIMATE CHANGE AND ITS IMPACT
10 JULY, 2009


जलवायु परिवर्तन उन अत्यंत गंभीर चुनौतियों में से एक है, जिनका राष्ट्र आज सामना कर रहा है । जलवायु परिवर्तन का पारिस्थितिकी, जैव विविधता, कृषि, प्राकृतिक संसाधन एवं स्वास्थ्य आदि विषयों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना है, जिससे देश की सामाजिक आर्थिक प्रगति प्रभावित होगी । जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणियां अत्यंत गंभीर है । ऐसा अनुमान है कि सदी के अंत तक तापमान 2-2.40 डिग्री तक बढ़ जाएगा। समुद्र का जलस्तर भी 0.18 से 0.59 मीटर तक बढ़ने की संभावना है, जिससे निम्न स्तरीय भू-भाग जलमग्न हो जाएंगे। वर्षण के प्रारूप में भी बदलाव आएगा, जिससे कुछ क्षेत्रों को कम व कुछ को भारी वर्ष की घटनाओं का सामना करना पड़ेगा । जलवायु परिवर्तन के कारण विषम जलवायुवीय घटनाएं जैसे हिमखंडों का पिघलना, सूखा पड़ना, भारी वर्षा, बाढ़, अत्यधिक गर्मी, गर्म लहरें, उष्ण चक्रवात आदि घटनाएं लोगों के रहन-सहन एवं जीविका पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं । वास्तव में जलवायु परिवर्तन के उपरोक्त प्रभावों को एक साथ नहीं रोका जा सकता, इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि ऐसी योजनाएं बनाई जाएं जिससे वैश्विक तापमान वृध्दि एवं जलवायु परिवर्तन को प्रभावित करने वाले कारकों को कम किया जा सके एवं जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को कम करने के लिए उपयुक्त कदम उठाएं जा सके । वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन को समझने एवं इसके दीर्घ व स्थायी तौर पर प्रबंध करने के लिए शुरूआत की जा चुकी है । 30 जून 2008 को जारी की गई जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय क्रियात्मक कार्य योजना (NAPCC) जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा हुई चुनौतियों से निपटारे के लिए राष्ट्र की एक पहली प्रतिक्रिया है।
गन्ना प्रजनन संस्थान जलवायु परिवर्तन के प्रभाव एवं प्रबंधन विषय पर 10 जुलाई 2009 को एक दिवसीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है । संगोष्ठी का आयोजन नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (न.रा.का.स), कोयंबत्तूर के सहयोग से किया जा रहा है । संगोष्ठी का उद्देश्य हिस्साधारकों (स्टेकहोल्डरों) एवं जनता को जलवायु परिवर्तन के विषय के प्रति जागृत करने के अलावा वैज्ञानिक संप्रेषणों को हिंदी भाषा में लिखने को बढ़ावा देना भी है । आयोजन समिति कोयंबत्तूर एवं इसके आसपास के सभी अनुसंधान एवं शैक्षणिक संस्थानों का संगोष्ठी में भाग लेने का आग्रह करती है ।
आलेख को जमा करना
उपर्युक्त विषय पर हिंदी में लिखित ए-4 कागज पर छपित आलेख 30 जून, 2009 तक जमा किया जा सकता है । आलेख हिंदी में लिखें । जहाँ कही पर भी तकनीकी शब्द प्रयुक्त करें, उसका कोष्ठक में अंग्रेजी शब्द भी लिख दें । आलेख में शीर्षक, लेखक का नाम व पता, लेख का भाव (abstract) (200 शब्दों से अधिक न हो) परिचय, मुख्य विषय, निष्कर्ष एवं संदर्भ सूची (references) क्रमबध्द होने चाहिए । एक साफ्टकॉपी (soft copy) एम,एस. वर्ड (M.S. Word) में कृति देव फोंट में भी लेख के साथ जमा की जानी चाहिए । प्रत्येक लेखक को पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के लिए 15 मिनिट का समय दिया जाएगा, व इसके बाद विचार विमर्श भी होगा ।
पंजीकरण
सहभागियों से अनुरोध है कि वे अपना पंजीकरण, संलगित फार्म को पूरा भरकर रु.200 के पंजीकरण शुल्क के साथ संयोजक को आयोजन दिवस 10.07.2009 से पहले या आयोजन दिवस के मौके पर उपलब्ध कराएं । पंजीकरण शुल्क की राशि रु.200 मांग पत्र (डिमांड ड्राफ्ट) के रूप में, निदेषक, गन्ना प्रजनन संस्थान के नाम, कोयंबत्तूर में देय (payable) होनी चाहिए ।
आयोजन स्थल - सभागार हाल, गन्ना प्रजनन संस्थान, वीरकेलम, कोयंबत्तूर – 641 007
अध्यक्ष
डॉ. एन. विजयन नायर, निदेशक
गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयम्बत्तूर - 7
संयोजक
डॉ. सी. गुप्ता, संयोजक, वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान)
सह संयोजक
डॉ. आर. जयन्ती,
डॉ. जे श्रीकान्त,
डॉ. रजुला शांति,
डॉ. रवीन्द्र कुमार

सह आयोजक
श्री. बी.एस.वी. शर्मा, अध्यक्ष, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति,
एवं क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त, कोयंबत्तूर
डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, न.रा.का.स.
एवं सहायक निदेशक (राजभाषा), कोयंबत्तूर

आयोजन समिति
डॉ. एन.विजयन नायर, निदेशक, अध्यक्ष
डॉ. पी. पदमनाभन, प्रमुख, सुरक्षा अनुभाग
डॉ. एम.एन. प्रमेचन्द्रन, फसल सुधार अनुभाग
डॉ. पी. राक्कियप्पन, फसल उत्पादन अनुभाग
डॉ. आर. नागराजन
डॉ. पी गोपालसुन्दरम
डॉ. एन. प्रकाशम
डॉ. के. हरि
डॉ. पी. गोविन्दराज
डॉ. सी. शंकरनारायण
डा. बी. सिंगारवेलू
डॉ. ए. अन्नादुरै
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
श्री. के. के. हम्जा
श्री. एडविन देव कुमार
पत्राचार - संगोष्ठी के विषय में सभी पत्राचार निम्न पते पर भेजे जाने चाहिए ।
1. डॉ. सी. गुप्ता, संयोजक, वरिष्ठ वैज्ञानिक (शस्य विज्ञान) गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबत्तूर - 641007 ई.मेल.- cgupta2006@gmail.com, sugaris@vsnl.com
फैक्स: 0422-2472923
फोन:0422-2472621Ext228 2. 2. श्रीमती एस. महेश्वरी, हिंदी अनुवादक
हिंदी प्रकोष्ठ, गन्ना प्रजनन संस्थान, कोयंबत्तूर - 641007 मोबाईल नं. 98433 51266

Saturday, April 4, 2009

कोडैकेनाल में भारतीय खाद्य निगम की क्षेत्रीय हिंदी कार्यशाला आयोजित








हिंदी मीठी भाषा है, हिंदी बोलना और पढ़ना भी आसान है - चिन्न कुलंदै




भारतीय खाद्य निगम, चेन्नई अंचल की ओर से कोडैकेनाल में आज दि.4 अप्रैल, 2009 को क्षेत्रीय हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । राजभाषा अधिकारी डॉ. वी. एलुमलै, सहायक महाप्रबंधक ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला का उद्घाटन श्री पी. चिन्न कुलंदै, उप महाप्रबंधक (तना) ने किया । उन्होंने अपने उद्घाटन भाषाण में प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित करते हुए कहा कि हिंदी मीठी भाषा है, हिंदी बोलना और पढ़ना भी आसान है । हिंदी गीत सुनते तथा टी.वी. कार्यक्रम देखते हुए जहाँ हिंदी का मौखिक ज्ञान बढ़ा सकते हैं, वही दफ़्तर की फाइलों में छोटी-छोटी टिप्पणियों से शुरू करके हिंदी का प्रयोग शुरू करने से राजभाषा हिंदी में पूरी कुशलता हासिल की जा सकती है । उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर एवं सहायक निदेशक (राजभाषा), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कोयंबत्तूर ने कहा कि हिंदी भारत सरकार की राजभाषा है, सरकारी कामकाज में इसका प्रयोग करना हमारा नैतिक दायित्व है । आज सारकारी कामकाज में कंप्यूटरों का प्रयोग बढ़ने के कारण हमें अब यह ज़रूरी है कि राजभाषा कार्यान्वयन कार्य में भी कंप्यूटरों का प्रयोग बढ़ाएं । यूनिकोड के विकास ने आज ई-मेल, वेबसाइट आदि में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग सुगम बनाया है । भाषाई अनुप्रयोगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा साधनों का उपयोग करते हुए हम राजभाषा कार्यान्वयन का दायित्व भी आसानी से पूरा कर सकते हैं । डॉ. वी. एलुमलै ने हिंदी कार्यशाला के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी कार्यशाला पुनश्चर्या कार्यक्रम के रूप में पदधारियों का हिंदी ज्ञान बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है । प्रथम सत्र में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने राजभाषा संबंधी संवैधानिक प्रावधान, टिप्पण एवं आलेखन, सरल व मानक हिंदी प्रयोग के संबंध में पवरपाइंट प्रस्तुति के साथ व्याख्यान दिया एवं प्रतिभागियों से टिप्पण एवं आलेखन का समुचित अभ्यास करवाया । दूसरे सत्र में डॉ. वी. एलुमलै ने राजभाषा के प्रभावी कार्यान्वयन एवं प्रयोग, भारतीय खाद्य निगम में हिंदी की प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया । तीसरे सत्र में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने कंप्यूटर पर हिंदी तथा अन्य भारतीय भाषाओं के लिए यूनिकोड के प्रयोग के संबंध में पवर पाइंट प्रस्तुती के साथ व्याख्यान दिया ।
कार्यशाला में तमिलनाडु क्षेत्र के विभिन्न जिला कार्यालयों, डिपो कार्यालयों तथा गोदामों से पधारे अधिकारी उपस्थित हुए ।

Friday, March 27, 2009

राष्ष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम में हिंदी कार्यशाला संपन्न



राष्ष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर में दि.25 मार्च, 2009 को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी इस कार्यशाला में उपस्थित हुए । श्री. संजय खरे, उप प्रबन्धक (वि. एवं लेखा) ने प्रतिभागियों का स्वागत किया । तदवसर पर उन्होंने कहा कि निगम के कोयंबत्तूर क्षेत्रीय कार्यालय में अधिकांश कार्य हिंदी में ही किया जाता है और स्टॉफ सदस्य वार्तालाप भी हिंदी में ही करते हैं । क्षेत्रीय कार्यालय के प्रभारी श्री एस. मलिक, वरिष्ठ प्रबंधक (वाणिज्य) ने कार्यशाला का उद्घाटन किया । अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे अपने दैनिक कामकाज में हिंदी को अपनाएं ।
इस कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं व्याख्याता के रूप में उपस्थित डॉ. सी. जयशंकर बाबु, सदस्य-सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने भाषाई कंप्यूटिंग के लिए उपलब्ध संसाधनों के संबंध में पवर पाइंट प्रस्तुति के साथ व्याख्यान दिया । यूनिकोड का इस्तेमाल करते हुए ई-मेल, वेब साइट आदि में हिंदी के प्रयोग करने के संबंध में अत्यंत सुलभशैली में जानकारी दी तथा इन्स्क्रिप्ट की-बोर्ड का प्रयोग करते हुए आसानी के साथ हिन्दी व अन्य भारतीय भाषाओं में टंकण करने का प्रशिक्षण भी दिया। मशीनी अनुवाद के प्रयोग के संबंध में भी उन्होंने विस्तार से प्रकाश डाला ।
वरिष्ठ प्रबंधक-वाणिज्य श्री. एस. मलिक एवं उप प्रबंधक-वि. एवं लेखा ने हिंदी में पत्र लेखन तथा टिप्पणी लेखन की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया तथा मुख्य अतिथि को धन्यवाद देते हुए कार्यशाला का समापन किया। राजभाषा को प्रोत्साहन देने हेतु हिंदी वाक्यांश के लिये शब्द ज्ञान प्रतियोगिता में क्षेत्रीय कार्यालय के सभी कर्मचारियों ने सहर्ष भाग लिया। वरिष्ठ प्रबंधक -वाणिज्य, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर द्वारा उपस्थित सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को अधिक से अधिक यूनिकोड के माध्यम से हिंदी में अभ्यास करने के लिए कहा एवं हिंदी में किये गए कार्यों की सराहना की।

Tuesday, March 24, 2009

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कार्यशाला आयोजित

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर सभी स्वगत करते हुए श्री प्रवीण कुमार, (बाएं से) डॉ. एम.के.एस. नायुडु, डॉ. सी.ए. मनोरंजन, डॉ. सी. जय शंकर बाबु, डॉ. एम. जानसन, श्री गौतम कुमार मीणा दर्शित हैं ।

ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि. में हिंदी कंप्यूटिंग पर व्याख्यान देते हुए डॉ. सी. जय शंकर बाबु



ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि., क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर में आज दि.24 मार्च, 2009 को हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया । राजभाषा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने सभी का स्वागत किया । कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए डॉ. सी.ए. मनोरंजन, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने प्रतिभागियों को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित किया । उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने कहा कि आज राजभाषा कार्यान्वयन कार्य में भी कंप्यूटरों के प्रयोग की ज़रूरत है । यूनिकोड के विकास के कारण हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं का प्रयोग ई-मेल, वेब साइट तथा अन्य वेब अनुप्रयोगों के अब तमाम दिक्कतें समाप्त हो चुकी हैं । उद्घाटन के अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. एम.के.एस. नायुडु तथा डॉ. एम. जानसन ने भी हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला एवं सरकारी कामकाज में हिंदी को अपनाने के लिए सभी अधिकारियों तथा कर्मचारियों से अनुरोध किया । कोचिन क्षेत्रीय कार्यालय के राजभाषा अधिकारी श्री गौतम कुमार मीणा ने हिंदी से संबंधित विभागीय प्रोत्साहन योजनाओं पर प्रकाश डाला ।
प्रथम सत्र में कंप्यूटर पर भाषाई अनुप्रयोगों के लिए उपलब्ध संसाधनों के संबंध में डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर ने पवर पाइंट प्रस्तुती के साथ व्याख्यान दिया तथा कंप्यूटर पर हिंदी तथा अन्य सभी भारतीय भाषाओं के प्रयोग के लिए यूनिकोड के उपयोग के संबंध में अपेक्षित प्रशिक्षण दिया । कई भाषाओं में कंप्यूटर में शब्द-संसाधन हेतु आवश्यक तकनीकों की जानकारी भी उन्होंने दिया ।
द्वितीय सत्र में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सहायक निदेशक (राजभाषा) तथा युनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के हिंदी अधिकारी श्री ए. सूर्य प्रकाश ने हिंदी प्रयोग के संबंध में व्याख्यान दिए । इस कार्यशाला का संयोजन ओरिएंटल इंश्योरेंस कं.लि., क्षेत्रीय कार्यालय के राजभाषा अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने किया ।