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नराकास वार्षिक राजभाषा पुरस्कार - TOLIC ANNUAL OL AWARDS 2009-10

Wednesday, December 29, 2010

29 दिसंबर, 2010 को अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह सुसंपन्न

कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक दि.29 दिसंबर, 2010 को सुसंपन्न हुई । बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री वर्गीस एम.पी., क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने की । डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (दक्षिण पश्चिम), कोचिन बैठक में राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे ।
2. बैठक का शुभारंभ प्रार्थना गीत से हुआ । समिति के सदस्य-सचिव एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पूर्व सहायक निदेशक (राजभाषा) एवं वर्तमान में पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने सभी अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत किया और समिति की गतिविधियों का परिचय दिया । तदुपरांत बैठक में पधारे विभिन्न कार्यालयों के प्रधान, वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने अपना परिचय दिया ।
3. समिति के अध्यक्ष श्री वर्गीस एम.पी., जी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि
राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देना हम सबका दायित्व है । हमारे इस दायित्व की पूर्ति की दिशा में आनेवाली कठिनाइयों के संबंध में आपसी विचार-विमर्श ज़रूरी है ।
सभी कार्यालयों के प्रधान आपस में मिल-बैठकर चर्चा करने के लिए एक संयुक्त मंच के रूप में नगर राजभाषा कार्यान्वन समिति की विशिष्ट भूमिका है । यह समिति एक सांविधिक समिति भी है । राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने हेतु कारगर उपायों पर विचार करने का अवसर हमें समिति की बैठकों में मिलता है ।
कोयंबत्तूर नराकास अपने उद्देश्यों एवं कार्यों में काफ़ी सक्रिय है । यह समिति राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में सामयिक चेतना के साथ गतिशील है ।
समिति के सदस्य-कार्यालयों के उपयोगार्थ सदस्य-सचिव डॉ. बाबु द्वारा बनाई गई राजभाषा साधन सी.डी. (A Compact Disc of Official Language Resources) के द्वारा कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा मिला है । सरकारी कार्यों में कंप्यूटरों का बढ़-चढ़कर प्रयोग किया जा रहा है ।
समिति के द्वारा आयोजित सूचना-प्रौद्योगिकी कार्यशालाओं के कई अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं । समिति के सचिवालय को अब ई-मेल हिंदी में भी मिलने लगे हैं ।
अपने वक्तव्य के अंत में अध्यक्ष महोदय ने सभी कार्यालय प्रधानों तथा उपस्थित सभी प्रतिनिधियों को नव वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं ।
4 अक्तूबर को समिति द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी काफ़ी उपयोगी रहा है । कई विद्वानों ने अपने विद्वत्तापूर्ण प्रपत्रों के माध्यम से दक्षिण में हिंदी की स्थिति, गति, एवं प्रगति का गरिमामय चित्र प्रस्तुत किया है । संगोष्ठी में प्रस्तुत महत्वपूर्ण शोध लेखों को संपादित करके एक स्मारिका का प्रकाशन डॉ. सी. जय शंकर बाबु से संपादन में प्रकाशित किया जाएगा ।
कोयंबत्तूर 100 से अधिक केंद्र सरकारी कार्यालय एवं उपक्रम हैं । इनमें से केवल 15 कार्यालयों में ही हिंदी अधिकारी या हिंदी स्टॉफ तैनात हैं । बाकी कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन कार्य को देखने के लिए अवश्यक व्यवस्था की जरूरत है । मैं आप सबसे अनुरोध करता हूँ कि राजभाषा कार्यान्वयन को सुव्यवस्थित रूप में सुनिश्चित करने के लिए अपने-अपने कार्यालयों में हिंदी संपर्क अधिकारियों तथा हिंदी समन्वयकों की व्यवस्था कर लीजिए ।
कोयंबत्तूर में हिंदी शिक्षण योजना के सुदृढ़ बनाने की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुए उप निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना को पत्र लिखा जा चुका है । यहाँ दो प्राध्यापक यहाँ कार्यरत है, मगर यहाँ प्रशिक्षण की माँग को देखते हुए अतिरिक्त प्राध्यापकों की तैनाती की जरूरत है ।
कोयंबत्तूर में हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण केंद्र शहर में किसी अनुकूल जगह पर स्थानांतरित करने की जरूरत है ।
4. सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने बताया कि हर छमाही में संपन्न होनेवाली समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठकों में सरकारी कार्यालय, उपक्रमों के प्रधानों का उपस्थित होना तथा समीक्षार्थ राजभाषा कार्यान्वयन की अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट समिति को समय पर प्रस्तुत करना आवश्यक है । अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार अंतिम तिथियों की सूचना देते हुए उन्होंने बताया कि 31 मार्च को समाप्त छमाही की रिपोर्ट 20 अप्रैल तक तथा 30 सितंबर को समाप्त छमाही की रिपोर्ट 20 अक्तूबर तक नराकास कार्यालय को भेजी जानी चाहिए । सदस्य कार्यालयों में प्रयोग में लाए जा रहे सभी कंप्यूटरों में हिंदी के लिए यूनिकोड का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए । सभी पदधारियों को कंप्यूटर पर हिंदी प्रयोग में अवश्य प्रशिक्षण दिलवाया जाए । कंप्यूटर पर अधिकांश द्विभाषी मानक मसौदें बनवाकर उनका प्रयोग सुनिश्चित करते हुए निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा सकता है ।
तत्पश्चात बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार मदवार कार्यवाही आरंभ हुई ।
6. पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि – समिति ने दिनांक 6-7-2010 को संपन्न बैठक के कार्यवृत्त की सर्वसम्मति से पुष्टि की ।
7. सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा – बैठक में उपस्थित राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने समीक्षा के दौरान अपने वक्तव्य में कहा कि-
· नराकास सदस्य कार्यालयों के वरिष्ठतम अधिकारियों की उपस्थिति महत्वपूर्ण है । यह अन्य नराकासों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण है ।
· नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति और समिति की बैठकों के उद्देश्य अलग-अलग हैं । अर्द्ध-वार्षिक बैठकों के मुख्य उद्देश्य छमाही के दौरान सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य की कार्य योजनाओं की चर्चा करना ।
· सदस्य कार्यालयों से प्राप्त छमाही राजभाषा प्रगति रिपोर्ट के आधार पर ही समीक्षा की जाती है । अतः यह जरूरी है कि तथ्यात्मक आंकडों विधिवत भरी गई अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट बैठक से पूर्व, निर्धारित समय सीमा तक समिति के सचिवालय में पहुँच जाना चाहिए ।
उप निदेशक (कार्यान्वयन) के उद्बोधन के दौरान कार्यसूची की मदों के अनुसार जिन मुद्दों की चर्चा की गई, उनका सारांश इस प्रकार है -
(i) हिंदी भाषा प्रशिक्षण – सभी कार्यालयों के प्रधान यह सुनिश्चित कर लें कि अपने कार्यालय में हिंदी भाषा प्रशिक्षण के लिए शेष पदधारियों को चरणबद्ध कार्यक्रम बनाकर तदनुसार प्रशिक्षण दिलवाया जाए ।
(ii) हिंदी भाषा टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण - हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण जिन पदधारियों के लिए जरूरी है, उन्हें प्रशिक्षण हेतु नामित किया जाना सुनिश्चित किया जाए ।
(iii) कंप्यूटरों में हिंदी का प्रयोग – राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग बढ़ाया जाए ।
(iv) धारा 3(iii) का अनुपालन – सभी कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(iii) में निर्धारित सभी 14 प्रकार के दस्तावेज द्विभाषी रूप में जारी करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
(v) पत्राचार – राजभाषा विभाग द्वारा वार्षिक कार्यक्रम में ‘ग’ क्षेत्र में पत्राचार के लिए निर्धारित लक्ष्य 55 प्रतिशत हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
(vi) नियम 5 का अनुपालन – राजभाषा नियम, 1976 के नियम-5 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु हिंदी में प्राप्त पत्रों का जवाब हिंदी में दिया जाना सुनिश्चित किया जाए ।
(vii) नियम 11 का अनुपालन – राजभाषा नियम, 1976 के नियम-11 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी रबड़ मुहरें तथा कार्यालय के नामपट्ट, सूचना पट्ट आदि नियमानुसार द्विभाषी / त्रिभाषी रूप में बनवाना सुनिश्चित किया जाए ।
(viii) वार्षिक कार्यक्रम की चर्चा – राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी सदस्यों को दी गई तथा सभी लक्ष्य हासिल करने का अनुरोध किया गया ।
(ix) पत्रिका का प्रकाशन - समिति की पत्रिका को यथाशीघ्र प्रकाशित करने हेतु सदस्य-कार्यालयों के प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वे अपने कार्यालय / संस्थान का परिचय सहित राजभाषा कार्यान्वयन की गतिविधियों से संबंधित सचित्र जानकारी, मौलिक रचनाएँ तथा कार्यालय, संस्थान आदि अपने विभागीय गतिविधियों से संबधित रिपोर्ट भी यथाशीघ्र भेजें ।
(xi) सदस्य-निर्देशिका का प्रकाशन – नराकास सदस्य-निर्देशिका के प्रकाशन के लिए अपेक्षित सूचना तुरंत उपलब्ध कराने का अनुरोध सभी कार्यालयों के प्रधानों से किया गया ।
हिंदी दिवस का आयोजन
वर्ष 2010-11 में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्यनिष्पादन के लिए सरकारी कार्यालयों तथा उपक्रमों को राजभाषा वार्षिक शीर्ड पुरस्कारों तथा प्रशस्तिपत्रों का वितरण समिति के अध्यक्ष श्री वर्गीस एम.पी. तथा राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि डॉ. वी. बालकृष्णन के करकमलों से किया गया ।
हिंदी पखवाड़ा – 2011 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजाताओं को समिति के अध्यक्ष श्री वर्गीस एम.पी., राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि डॉ. वी. बालकृष्णन तथा समिति के सदस्य-कार्यालयों के अध्यक्षों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के करकमलों से पुरस्कार वितरण किया गया ।
नए सदस्य-सचिव का चयन
समिति के सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफ़ेसर के रूप में तैनाती होने के कारण नए सदस्य-सचिव के चयन के लिए की गई विस्तृत चर्चा के उपरांत इस बात पर सर्वसम्मति से सहमति जताई गई कि नगर स्थिति सरकारी कार्यालयों में वरिष्ठतम सहायक निदेशक (राजभाषा) को यह दायित्व संभालन चाहिए अतः श्रीमती विजयलक्ष्मी माधवन, सहायक निदेशक (राजभाषा), आयकर कार्यलय को सदस्य-सचिव के रूप में नामित किया गया । श्रीमती विजयलक्ष्मी माधवन ने बताया कि वैयक्तिक कारणों से यह दायित्व नहीं संभाल सकती, अतः समिति की अगली बैठक तक उन्हें यह दायित्व सौंपने का निर्णय लिया गया । नए सदस्य-सचिव को औरचारिक रूप में बैठक के दौरान ही दायित्व सौंप दिया गया ।
अंत में सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ ही बैठक सुसंपन्न हुई।

Monday, December 27, 2010

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक 29 दिसंबर को

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक 29 दिसंबर 2010 को
Half-Yearly Meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Coimbatore will be held on 29th December 2010

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अगली अर्द्ध-वार्षिक बैठक दिनांक 29-12-2010 को अपराह्न 2:30 बजे कम्यूनिटी हाल, बी.एस.एन.एल. स्टॉफ क्वार्टर्स (पी.एंड टी. क्वार्टर्स), एन.एस.आर. रोड, साई बाबा कालोनी, कोयंबत्तूर-641011 (दूरभाष/Phone:2432466, 2443700) में आयोजित की जाएगी। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशों के अनुपालन में कार्यालय प्रधान का बैठक में उपस्थित होना अनिवार्य है।


Half-Yearly meeting of the TOLIC, Coimbatore will be convened on 29-12-2010 at 2:30 p.m. at the Community Hall, BSNL Staff Quarters (P & T Quarters), NSR Road, Sai Baba Colony, Coimbatore - 641 011 (Ph. No: 2432466, 2443700). In compliance with the directions issued by the Govt. of India, Ministry of Home Affairs, Dept. of Official Language, the Head of the Office has to attend the meeting. Hence it is requested kindly to attend the above said meeting without fail.

Monday, December 20, 2010

न.रा.का.स., कोयंबत्तूर द्वारा आयोजित हिंदी प्रतियोगिताओं के परिणाम

न.रा.का.स., कोयंबत्तूर द्वारा आयोजित हिंदी प्रतियोगिताओं के परिणाम
Results of the competitions – 2010 organised by the TOLIC, Coimbatore

नराकास, कोयंबत्तूर द्वारा हिंदी सप्ताह-2010 के अवसर आयोजित प्रतियोगिताओं के परिणाम निम्नानुसार हैं, विजेताओं को दि.29.12.2010 को नराकास की अर्द्ध-वार्षिक बैठक (अपराह्न 2.30 बजे से) के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा

Results of the competitions – 2010 organised by the TOLIC, Coimbatore as follows. Winners will be awarded on 29.12.2010 during the TOLIC meeting (2.30 pm onwards)

1
समाचार वाचन प्रतियोगिता
News Reading Competition

01. R.K.Upadhyay (NHDC)
02.C.V.Prabha, (LIC, DO, CBE)
03.C.R.Pramila(LIC, DO, CBE)

2
अंत्याक्षरी प्रतियोगिता
Antyakshari Competition


01.N.Jayanthi, Geetha Ravi (BSNL), Sandhya Memon (Postal Stores Depo)
02.V.D.Meena, S.Anuradha (UIICo.Ltd) , G.Soumya (Oriental Insurance)
03. P.Malathi, J.Padma (KV, Sulur) , Smt. Savithri (KV, Cbe)

3
गायन प्रतियोगिता
Singing Competition
(पुरुषों के लिए / For Gents)

01.V.Chandrasekar (New India Assurance Co.Ltd.)
02. P.Mahendra Kumar (LIC)
03.R.Vijay Kumar(KV-CBE)

4
गायन प्रतियोगिता
Singing Competition
(महिलाओं के लिए / For Ladies)

01.P.Chitra (LIC, RS Puram)
02.J.Padma (KV Sulur)
03.Aruna B.Shenoy (UIIC)

5
हस्तलेखन प्रतियोगिता
Handwriting Competition


01.Sheena Anil (Bureau of Indian Standards)
02. G.Kavitha (Postal Stores Depot)
03. M.Jayanthi (Oriental Insurance) & K.R.Inthira (United India Insurance)

6
टिप्पण एवं आलेखन प्रतियोगिता
Noting & Drafting Competition

01.K.R.Vijayalakshmi (LIC)
02. S.Neelalakshmi (UIIC) & A.Ganesan (Local Audit Office, Air force)
03. Ramakant Upadhyay (NHDC) & A.Chitra (BSNL)

7
आशुभाषण प्रतियोगिता
Extempore Speech Competition

01.Jitendra Singh Rawat (KV, CBE)
02.Vijayhankar (CRPF) & Ram Sardar Tiwari (KV, Sulur)
03. B.Dattadri (EPFO)

8
युगल गायन प्रतियोगिता
Duet (Song) Competition

01.P.Mahendra Kumar & P. Chitra (LIC of India)
02.V.Chandrasekar & G.Sumati (New India Assurance)
Ravi Nath & Ashalatha Gangadharan (KV, CBE)
03.K.Rajeev & Mrs. Geeta Ravi (BSNL)
S.Jesuraj & Aruna B.Shenoy (UIIC)

9
कंप्यूटर पर (यूनिकोड) हिंदी टंकण प्रतियोगिता
Hindi (Unicode) Typing Competition on Computer

01.Sumeet Kumar Tiwari (KV, Sulur)
02. Pankaj Kumar Shrivastav (KV, CBE)
03. Visalakshmi Bhushan (BSNL)

10
निबंध लेखन प्रतियोगिता
Essay Writing Competition

01.R.K.Upadhyay (NHDC)
02. Sandhya S.Menon (Postal Stores Depot)
03. A. Ganesan (Local Audit Office, Air Force)

11
लघु नाटक प्रतियोगिता
Skit Competition

01.Brijesh Kumar, Ramsardar Tiwari & Sandeep Sharma (KV, Sulur)
02. Anil Kumar Bhargav, Smt.Manimeghalai & Smt. K.Sofia Nair (KV, CBE)
03. Smt.G.Sumathi, Smt. Vasuki Bhaskaran & Ku.S.Sangeetha (New India Assurance Co.Ltd)

12
वार्तालाप प्रतियोगिता (हिंदीतर भाषियों के लिए)
Conversation Competition (For Non-Hindi Speakers)

01.M.Srinivas, A.D.V. Prasad (CTC-CRPF)
02.S.Subramaniam, G.Sampath (AAI)
03. O.S. Muralidharan, M. Sowmya (Oriental Insurance)
K.K.Hamsa, A.B.Philip (Sugarcane Breeding Institute)

13
वार्तालाप प्रतियोगिता (हिंदी भाषियों के लिए)
Conversation Competition (For Hindi Speakers)

01.C.Krishna Mohan, Kedar Singh (ESIC)
02. M.Vanaja, Ranjini Ramanan (KV, CBE)
03.Jayashiri Narayanan, Jayanthi Natarajan (BSNL)

14
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता
Quiz Competition

01.Capt.Mohandas (LIC) & O.N. Arumaraz, (Southern Railway)
02. Gopalakrishnan (New India Assurance Co. Ltd.)& A.Jayanthi (BSNL)
03. R.K.Upadhyay(NHDC) & Singaravelu (Sugarcane Breeding Institute)

15
अनुवाद प्रतियोगिता
Translation Competition

01.K.R.Vijayalakshmi (LIC, DO)
02. A.Ganesan(Local Audit Office, Air Force, CBE)
03. A.Chitra (BSNL)

16
प्रशासनिक शब्दावली प्रतियोगिता
Administrative Glossary Competition

01.K.R.Vijayalakshmi (LIC, DO)
02. Rajdeep Kaushik (KV, CBE)
03. Ram Sardar Tiwari (KV, Sulur)

सभी विजेताओं को हार्दिक बधाइयाँ / Congratulations to all winners.

- डॉ. सी. जय शंकर बाबु/Dr. C. Jaya Sankar Babu
सदस्य सचिव/Member Secretary

Friday, October 1, 2010

कोयंबत्तूर के कुछ होटलों की सूची (कोयंबत्तूर में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में पधारने वाले प्रतिनिधियों की सुविधा हेतु)

LIST OF SOME HOTELS AT COIMBATORE:
(For information of the delegates attending National Seminar at Coimbatore)

1. SUGAM, R S Puram-2555555
2. ANNAPOORNA, R S Puram-2547722
3. DIANA, Gandhipuram-2233366
4. BLUE STAR, Gandhipuram-2230635
5. CITY TOWER, Dr Nanjappa Road-2230681
6. ASWINI DELUXE, Gandhi Puram-2238772
7. AARVEE,Gandhipuram -2523677
8. GRAND PALACE, 100 Ft Road-4370577
9. Hotel Park plaza, Geeta Hall Road –4364646
10.Hotel Vyduriya, opp Rly Station – 4297777
11.Hotel Rathna Residency, behind Rly station
12.Hotel CAG Pride, Gandhi puram –2527777
13.Hotel Sriram International, Rly Station Road –4295566
14.Hotel Sri Lakshmi, Gandhipuram- 2236339
15.Hotel Mangala International, Ram Nagar - 2232012,13,14,16
16.Hotel Legends Inn – Rly Station - 4350000, 4355555

Wednesday, September 22, 2010

4 अक्तूबर, 2010 को कोयंबत्तूर में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी

दक्षिण भारत में हिंदी की स्थिति, गति एवं प्रगति

पर

राष्ट्रीय संगोष्ठी

NATIONAL SEMINAR

on

STATUS, SCOPE AND PROGRESS OF HINDI IN SOUTH INDIA

दि. 4 अक्तूबर, सोमवार 2010 * Date: October 4th, Monday 2010

कोयंबत्तूर * COIMBATORE

संयोजक / ORGANISERS

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर

TOWN OFFICIAL LANGUAGE IMPLEMENTATION COMMITTEE, COIMBATORE

(गृह मंत्रालय, भारत सरकार / Ministry of Home Affairs, Govt. of India)
एवं / &
डॉ. जी. आर. दामोदरन विज्ञान महाविद्यालय, कोयंबत्तूर

DR. G.R. DAMODARAN COLLEGE OF SCIENCE, COIMBATORE

स्थान/Venue :आईटी सेमिनार हाल, डॉ. जी. आर. दामोदरन विज्ञान महाविद्यालय, कोयंबत्तूर

GRDIT Seminar Hall, Dr. G.R. Damodaran College of Science, Coimbatore-14

उद्देश्य एवं सहभागिता / Overview & Participation:

भारत के संविधान में राजभाषा, भारतीय जनमानस में राष्ट्रभाषा के रूप में दर्जा प्राप्त हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार एवं प्रयोग दक्षिण भारत में भारत की आज़ादी की पूर्व से ही होता रहा है । दक्षिण के आंध्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल एवं पांडिच्चेरी प्रदेशों में शैक्षिक, सामाजिक, साहित्यिक, आर्थिक, व्यावसायिक, वाणिज्यिक, औद्योगिक, प्रशासनिक क्षेत्रों के अलावा मीडिया एवं फिल्म क्षेत्रों में भी आज हिंदी का विस्तृत प्रचार-प्रसार के आलोक में समग्र स्थिति का जायज़ा लेने के लिए एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है । इस संगोष्ठी में सभी क्षेत्रों में संबद्ध अधिकारी, विद्वान, अध्यापक, शोधार्थी, उद्योगपति, साहित्यकार, पत्रकार आदि अपने मौलिक एवं शोधपरक आलेख प्रस्तुत कर सकते हैं ।

विषय / Topic - दक्षिण भारत में हिंदी की स्थिति, गति एवं प्रगति

उप विषय / Sub-topics:

दक्षिण भारत में हिंदी भाषा का प्रचार

दक्षिण भारत में शैक्षिक, प्रशासनिक आदि क्षेत्र में हिंदी की स्थिति

दक्षिण भारत में हिंदी लेखन, साहित्य एवं पत्रकारिता

आंध्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल एवं पोंडिच्चेरी में हिंदी की स्थिति संबंधित अन्य विषय

प्रपत्र प्रस्तुतीकरण के लिए सुझाव / Guidelines for Submission of Papers:

प्रपत्र मैक्रोसॉफ्ट वर्ड (.doc अथवा .docx) फाईल फार्मेट में ई-मेल द्वारा दि.28 सितंबर, 2010 तक tolicseminar@gmail.com तथा nationalhindiseminars@gmail.com पर भेजे जा सकते हैं।कंप्यूटर पर यूनिकोड फोंट (मंगल अथवा एरियल यूनिकोड) में अथवा कृतिदेव फांट का प्रयोग करके प्रपत्र तैयार किया जाना चाहिए । शीर्षकों के लिए 14 साइज़ का फांट तथा शेष सामग्री के लिए 12 साइज़ फांट का प्रयोग किया जाए । दो-लाइन स्पेस में चारों ओर कम से कम 1'' मार्जिन सहित तैयार किया जाए और पृष्ठ की एक ही तरफ मुद्रित किया जाए ।जो ई-मेल द्वारा प्रपत्र नहीं भेज पाते हैं, वे स्पीड पोस्ट/कोरियर द्वारा प्रपत्र की मुद्रित प्रति A4 साइज़ में तथा कंप्यूटर पर अक्षरांकित सामग्री की सी.डी. भी भेज सकते हैं। प्रपत्र का शीर्षक एवं सार प्रथम पृष्ठ पर शामिल किया जाए। प्रपत्र को इस क्रम में तैयार किया जाए - शीर्षक, सार, उपशीर्षक, संदर्भ एवं परिशिष्ट । निर्धारित समय तक प्रपत्र की स्वीकृत की सूचना ई-मेल/वेबसाइट के माध्यम से दी जाएगी ।स्वीकृत प्रपत्र पर कापीराइट तथा आयोजन समिति के द्वारा प्रकाशित किए जानेवाले संकलन में प्रपत्र को संपादित कर प्रकाशित करने का अधिकार संपादक के पास रहेगा।

प्रोजेक्टर की सुविधा / Projector Facility:

यदि आवश्यक हो, महत्वपूर्ण विषयों पर पवरपाइंट प्रस्तुतीकरण के लिए प्रोजेक्टर की सुविधा उपलब्ध रहेगी ।

पंजीकरण / Registration:

प्रपत्र प्रस्तुतकर्ता तथा अन्य सामान्य प्रतिभागियों को भी पंजीकरण फार्म भरकर दि. 28 सितंबर 2010 तक प्रस्तुत करना अपेक्षित है।

शुल्क / Fees:

प्रपत्र प्रस्तुतीकरण एवं प्रतियोगिता के लिए कोई शुल्क देय नहीं है।

मार्गव्यय / Travelling Expenses:

प्रपत्र प्रस्तुतकर्ताओं तथा सामान्य प्रतिभगियों को स्वयं अथवा अपने कार्यालय/संस्थान की ओर से मार्गव्यय की व्यवस्था करनी होगी।

आवास व्यवस्था / Accommodation:बाहर से पधारनेवाले प्रतिभागी अपने रुकने/आवास की व्यवस्था स्वयं कर लेंगे। कोयंबत्तूर शहर के प्रमुख होटलों की सूची नराकास वेबसाइट (www.toliccbe.blogspot.com) पर उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रपत्र/पंजीकरण फार्म प्रस्तुत करने हेतु पता : / Address for submission of papers:

डॉ. सी. जय शंकर बाबु, सदस्य सचिव, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, डॉ. बालसुदरम रोड, कोयंबत्तूर - 641 018.

दूरभाष:0422-2240225 फैक्स:0422-2240140 मोबाइल:09843508506ई-मेल:tolicseminar@gmail.com, toliccbe@gmail.com, nationalhindiseminars@gmail.com,

महत्वपूर्ण तिथि / Important Date :

Last date for submission of Registration Forms along with abstract & final paper: 29 September, 2010.

पंजीकरण प्रपत्र - Registration Form

दक्षिण भारत में हिंदी की स्थिति, गति एवं प्रगति

पर

राष्ट्रीय संगोष्ठी

National Seminar on

STATUS, SCOPE AND PROGRESS OF HINDI IN SOUTH INDIA

October 4th, Monday 2010

नाम/Name : Prof/Dr/Mr/Ms………………………………………………………..

पदनाम/Designation :………………………………………………………………कार्यालय/संस्थान/Office/Institution :………………………………………………

पत्राचार का पता/ Address for correspondence :……………………………………………………………………………………….…………………………………………………………………………………………

पिनकोड/Pincode :…………………………….राज्य/State :………………………..

क्या प्रपत्र प्रस्तुत कर रहे हैं - जी, हाँ/जी नहीं

Whether presenting paper? – Yes/No

मोबाईल सं./Mobile No.......................................................

ई-मेल/E-mail:........................................................................

फैक्स सं/Fax No. .............................................दूरभाष/Telephone No.........................................................

CERTIFICATE

I certify that the research paper/article titled …………......................................................… ………………………………............................. is an original work carried out by me. It has not been published / presented elsewhere. In the event of acceptance and publication in the conference proceedings, I agree that its copyright will be automatically transferred to the Seminar Organizing Committee. I have read other details about Seminar.

हस्ताक्षर/ Signature……………………………………… दिनांक/Date …………………………..

पंजीकरण फार्म प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि : 28 सितंबर, 2010

Last date for submission of Registration Form: 28th September 2010.

Tuesday, July 6, 2010

दि. 6.7.2010 को संपन्न अर्द्ध-वार्षिक बैठक का कार्यवृत्त

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर
TOWN OFFICIAL LANGUAGE IMPLEMENTATION COMMITTEE, COIMBATORE

दि. 6.7.2010 को संपन्न अर्द्ध-वार्षिक बैठक का कार्यवृत्त

कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक दि.1 जुलाई, 2010 को सुसंपन्न हुई । बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री बी.एस.वी. शर्मा, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने की । डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (दक्षिण पश्चिम), कोचिन बैठक में राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित थे ।
2. बैठक का शुभारंभ श्रीमती के. शुभश्री के प्रार्थना गीत से हुआ । समिति के सदस्य-सचिव एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सहायक निदेशक (राजभाषा) डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने सभी अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत किया और समिति की गतिविधियों का परिचय दिया । तदुपरांत बैठक में पधारे विभिन्न कार्यालयों के प्रधान, वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने अपना परिचय दिया ।
3. समिति के अध्यक्ष श्री बी.एस.वी. शर्मा जी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि
कार्यालय प्रधान अपने कार्यालय मे राजभाषा कार्यान्वयन की ओर उचित ध्यान दें और अपने स्टॉफ को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करें, इससे निर्धारित लक्ष्य हासिल करना बहुत ही आसान है ।
प्रत्येक तिमारी में कार्यालय की राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की जाए तथा एक कार्यशाला भी आयोजित की जाए ।
कार्यालय के समस्त बोर्ड, नामपट्ट, रबड़ मुहरें, पत्रशीर्ष आदि नियमानुसार द्विभाषी या त्रिभाथी रूप में बनवाना सुनिश्चित करने पर राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी छोटी-छोटी कमियाँ हमेशा के लिए दूर हो सकती हैं ।
कर्मचारियों का हिंदी भाषा प्रशिक्षण, टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण को महत्व देते सभी स्टॉफ सदस्यों का समयबद्ध प्रशिक्षण सुनिश्चित करना जरूरी है ।
हिंदी शिक्षण योजना का केंद्र फिलहाल पोदनूर में स्थित है, जो शहर से काफ़ी दूर होने के कारण उस केंद्र में जाकर प्रशिक्षण पाने में विभिन्न कार्यालयों के कर्मचारियों को दिक्कत होती है, अतः उस केंद्र का यथाशीग्र कोयंबत्तूर शहर के मध्य किसी अनूकूल जगह पर स्थानांतरित करने की पहल की जाए, जहाँ अधिकांश कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक हो ।
कार्यालय में प्रयोग में लाए जा रहे सभी कंप्यूटरों में हिंदी के लिए यूनिकोड का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए ।
कंप्यूटर पर अधिकांश द्विभाषी मानक मसौदें बनवाकर उनका प्रयोग सुनिश्चित किया जाए साथ ही सभी पदधारियों को कंप्यूटर पर हिंदी प्रयोग में अवश्य प्रशिक्षण दिलवाया जाए ।
4. सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने बताया कि हर छमाही में संपन्न होनेवाली समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठकों में सरकारी कार्यालय, उपक्रमों के प्रधानों का उपस्थित होना तथा समीक्षार्थ राजभाषा कार्यान्वयन की अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट समिति को समय पर प्रस्तुत करना आवश्यक है । अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्धारित कैलेंडर के अनुसार अंतिम तिथियों की सूचना देते हुए उन्होंने बताया कि 31 मार्च को समाप्त छमाही की रिपोर्ट 20 अप्रैल तक तथा 30 सितंबर को समाप्त छमाही की रिपोर्ट 20 अक्तूबर तक नराकास कार्यालय को भेजी जानी चाहिए ।
5. सदस्य-सचिव ने बैठक में उपस्थित कुछ वरिष्ठतम अधिकारियों से अनुरोध किया कि के अपने यहाँ राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति के लिए किए जा रहे कार्यों के संबंध में समिति के समक्ष जानकारी प्रस्तुत करें । विभिन्न कार्यालयों के प्रधाने ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की । कुछ महत्वपूर्ण बिंदु यहाँ प्रस्तुत हैं –
Ø भारती विमानपत्तन प्राधिकरण, कोयंबत्तूर हवाईअड्डा के विमानपत्तन निदेशक श्री वासुदेव जी ने कहा कि विमानपत्तन कार्यालय के अधिकांश अधिकारियों ने हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान हासिल किया है । हर तिमारी में नियमित रूप से राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं । वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में निष्ठापूर्वक प्रयास किए जा रहे हैं । कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है । अधिकांश पदधारी हिंदी में बातचीत करते हैं ।
Ø स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के शाखा प्रबंधक श्री गोगोई जी ने कहा कि कार्यालय में प्रयोग में लाए जा रहे अधिकांश प्रारूप द्विभाषी रूप में हैं । हिंदी की प्रोत्साहन-योजनाओं में स्टॉफ सदस्य दिलचस्पी से भाग ले रहे हैं और पुरस्कार भी प्राप्त कर रहे हैं । हिंदी में प्राप्त पत्रों का जवाब भी हिंदी में ही दिए जाते हैं ।
Ø भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्र प्रबंधक श्री जी. केशवमूर्ति जी ने कहा कि स्टॉफ के हिंदी के ज्ञान को बढ़ाने हेतु हिंदी कार्याशाला का आयोजन किया गया है । अधिकांश स्टॉफ के हिदी के ज्ञान को बढ़ाने हेतु हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया है । अधिकांश स्टॉफ सदस्य हिंदी में ही हस्ताक्षर करते हैं । कार्यालय में सभी रबड़ की मुहरे द्विभाषी रूप में ही प्रयुक्त हो रहे हैं ।
Ø भारतीय मानक ब्यूरो के निदेशक श्री भास्कर जी ने कहा कि धारा 3(3) का शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है । हिंदी में पत्राचार किया जा रहा है ।
Ø राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम के मुख्य प्रबंधक श्री सुदर्शन मलिक जी ने बताया कि उनके कार्यालय में अधिकांश लोग पहले तमिल में बोलते थे, मगर अब 95 % लोग हिंदी में बोलने लगे हैं । पत्राचार द्वारा सभी स्टॉफ सदस्यों को हिंदी भाषा प्रशिक्षण दिलवाया गया है । फाइल कवरों पर टिप्पणियाँ छपवाई गई हैं और 95 % कार्य हिंदी में ही हो रहा है । राजभाषा कार्यान्वयन में प्रगति की समिक्षा हेतु नियमित रूप से बैठकें आयोजित की जा रही हैं ।
Ø हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री उमाशंकर जी ने बताया कि उनके कार्यालय में सभी कंप्यूटरों में हिंदी हेतु यूनिकोड को सक्रिय किया गया है । सभी अधिकारियों द्वारा हिंदी का प्रयोग किया जाता है । मानक टिप्पणियाँ परिचालित की गई हैं । हिंदी पखवाड़े के दौरान कई प्रतियोगिताओं का आयोजन करके स्टॉफ़ को हिंदी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है । कार्यालय में एचपीसीएल की नकद पुरस्कार योजना भी लागू की गई है । विभागीय क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन हाल ही मदुरै में किया गया है ।
Ø केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान के निदेशक सह परियोजन समन्वयक डॉ. ना. गोपालकृष्णन जी ने कहा कि उनके कार्यलय मे कार्यरत भिन्न भाषाभाषी दिलचस्पी से हिंदी में बोलते हैं । संस्थान में अधिकांश वैज्ञानिक हैं । शुरूआत में केवल चार लोग हिंदी जानते थे, नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था के बाकी स्टॉफ स्दस्यों ने भी हिंदी सीखी है । हिंदी कंप्यूटर कार्यशाल का आयोजन करके हिंदी प्रयोग को बढ़ावा दिया गया है । अब यहाँ तक कि प्रगति हासिल की गई है कि वैज्ञानिक अपने शोध के परिणाम हिंदी में भी लिख रहे हैं । वैज्ञानिक आलेख विभागीय हिंदी पत्रिका श्वेत स्वर्णिमा में हिंदी प्रकाशित किए जाते हैं । हिंदी पुस्तकें नियमित रूप से खरीदी जाती हैं । संसदीय राजभाषा समिति ने अपने निरीक्षण के दौरान काफ़ी प्रशंसा की है ।
Ø भारतीय कपास निगम लिमिटेड के शाखा प्रबंधक श्री पिल्लेवार जी ने कहा कि हम हिंदी के हित में सोचें तो हिंदी में काम करना बहुत आसान है । कार्यालय में हम सभी प्रारूप द्विभाषी ही में प्रयोग करते हैं । स्टॉफ सदस्य हिंदी में हस्तक्षर करते हैं । हिंदी में कार्य करने वाले स्टॉफ़ सदस्यों को प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है ।
Ø स्पैसेस बोर्ड के प्रबंधक श्री रामलिंगम जी ने कहा कि कार्यालय में स्टॉफ के बीच प्रशासनिक शब्दावली की प्रतियाँ वितरित की गई हैं । पत्राचार द्विभाषी में कर रहे हैं । ई-मेल हिंदी में भी भेज रहे हैं ।
Ø निर्यात निरीक्षण अभिकरण के सहायक निदेशक श्री कलैचेल्वन जी ने कहा कि गूगुल अनुवाद सुविधा का उपयोग करते हुए हिंदी में पत्रचार का प्रयास किया जा रहा है ।
Ø केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कमांडेंट श्री कण्णन जी ने कहा कि उनके सभी कर्मचारी हिंदी में ही बोलते हैं । हिंदी में पत्राचार किया जा रहा है । राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा हेतु आयोजित होनेवाली तिमाही बैठकों में भी पूरी कार्यवाही हिंदी में ही की जाती है । सभी बोर्ड एवं नामपट्ट द्विभाषी में बनाए गए हैं । रबड़ की मुहरें द्विभाषी रूप में प्रयुक्त हो रहे हैं । अवकाश आवेदनपत्र भी हिंदी में प्रस्तु किए जाते हैं ।
Ø भारतीय वनस्पतिक सर्वेक्षण के निदेशक डॉ. जी.वी.एस. मूर्ति जी ने कहा कि हिंदी न जानने वालों से हिंदी में बोलकर उन्हें हिंदी सिखाया जा रहा है । सभी फार्म द्विभाषी में बनाए गए हैं और सभी कंप्यूटरों में हिंदी में हिंदी सॉफ्टवेयर की सुविधा है ।
गन्ना प्रजनन संस्था के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्रीमती उषा, केंद्रीय भंडारण निगम के वरिष्ठ प्रबंधक श्री गोपाल कृष्णन, काफ़ी बोर्ड के प्रतिनिधि, नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन के उप महाप्रबंधक श्री सुनील, युनाइटेड इंडिया इंश्येरेंस कं.लि. के श्री परमशिवम, हड्को के शाखा प्रबंधक श्री राजन आदि ने भी राजभाषा कार्यान्वयन के संबंध में अपनी राय देने के साथ-साथ अपने-अपने कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की जानकारी भी दी ।
तत्पश्चात बैठक के कार्यवृत्त के अनुसार मदवार कार्यवाही आरंभ हुई ।
6. पिछली बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि – समिति ने दिनांक 1-12-2009 को संपन्न बैठक के कार्यवृत्त की सर्वसम्मति से पुष्टि की ।
7. सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा – बैठक में उपस्थित राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने समीक्षा के दौरान अपने वक्तव्य में कहा कि-
· नराकास सदस्य कार्यालयों के वरिष्ठतम अधिकारियों के हिंदी में वक्तव्य सुनने के बाद मुझे यह संदेह हो रहा है कि मैं अब कानपुर में हूँ या कोयंबत्तूर में । सभी अधिकारियों की हिंदी निष्ठा एवं ज्ञान सराहनीय है ।
· नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति और समिति की बैठकों के उद्देश्य अलग-अलग हैं । अर्द्ध-वार्षिक बैठकों के मुख्य उद्देश्य छमाही के दौरान सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करना और भविष्य की कार्य योजनाओं की चर्चा करना ।
· सदस्य कार्यालयों से प्राप्त छमाही राजभाषा प्रगति रिपोर्ट के आधार पर ही समीक्षा की जाती है । अतः यह जरूरी है कि सभी सदस्य-कार्यालयों की अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट बैठक से पूर्व, निर्धारित समय सीमा तक समिति के सचिवालय में पहुँच जाना चाहिए । रिपोर्ट की तैयारी में कोई समस्या हो तो उस संबंध में नराकास की ओर से विशेष प्रशिक्षण भी आयोजित किया जा सकता है ।
· राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में किए जा रहे कार्यों में गुणात्मक सुधार लाने का प्रयास कार्यालय के प्रधानों को करना चाहिए । कार्यालय प्रधान यह भी सुनिश्चित करें कि राजभाषा कार्यान्वयन की जो भी आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाती है, उनमें दी गई जानकारी सही एवं वस्तुपरक है, प्रश्नों के जवाब दिए गए हैं ।
· प्रबंधन के महत्वसूत्रों के आधार पर राजभाषा कार्यान्वयन के सफल प्रबंधन पर कार्यालय प्रधान ध्यान दें ।
उप निदेशक (कार्यान्वयन) के उद्बोधन के दौरान कार्यसूची की मदों के अनुसार जिन मुद्दों की चर्चा की गई, उनका सारांश इस प्रकार है -
(i) हिंदी भाषा प्रशिक्षण – सभी कार्यालयों के प्रधान यह सुनिश्चित कर लें कि अपने कार्यालय में हिंदी भाषा प्रशिक्षण के लिए शेष पदधारियों को चरणबद्ध कार्यक्रम बनाकर तदनुसार प्रशिक्षण दिलवाया जाए ।
§ हिंदी शिक्षण योजना के प्राध्यापक द्वारा यह अनुरोध किया गया कि जुलाई, 2010 के सत्र के लिए प्रशिक्षणार्थियों की सूची हिंदी शिक्षण योजना के कार्यालय को तुरंत भेजी जाए ।
§ किसी कार्यालय द्वारा जगह उपलब्ध कराने पर हिंदी शिक्षण योजन के केंद्र को स्थानांतरित किया जा सकता है ।
(ii) हिंदी भाषा टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण - कोयंबत्तूर नगर में हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण सुनिश्चित करने हेतु तैनात सहायक निदेशक (टंकण एवं आशुलिपि) बैठक में पधारकर भी चर्चा के दौरान अनुपस्थिति पर उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने चिंता जताई है । समिति द्वारा यह आशा जताई गई है कि नव नियुक्त सहायक निदेशक (टंकण एवं आशुलिपि) कोयंबत्तूर स्थिति सभी कार्यालयों में हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण का लक्ष्य पूरा करने में योग दें ।
(iii) कंप्यूटरों में हिंदी का प्रयोग – राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग बढ़ाया जाए ।
(iv) धारा 3(iii) का अनुपालन – सभी कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(iii) में निर्धारित सभी 14 प्रकार के दस्तावेज द्विभाषी रूप में जारी करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
(v) पत्राचार – राजभाषा विभाग द्वारा वार्षिक कार्यक्रम में ‘ग’ क्षेत्र में पत्राचार के लिए निर्धारित लक्ष्य 55 प्रतिशत हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
(vi) नियम 5 का अनुपालन – राजभाषा नियम, 1976 के नियम-5 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु हिंदी में प्राप्त पत्रों का जवाब हिंदी में दिया जाना सुनिश्चित किया जाए ।
(vii) नियम 11 का अनुपालन – राजभाषा नियम, 1976 के नियम-11 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी रबड़ मुहरें तथा कार्यालय के नामपट्ट, सूचना पट्ट आदि नियमानुसार द्विभाषी / त्रिभाषी रूप में बनवाना सुनिश्चित किया जाए ।
(viii) वार्षिक कार्यक्रम की चर्चा – राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्यों की जानकारी सदस्यों को दी गई तथा सभी लक्ष्य हासिल करने का अनुरोध किया गया ।
(ix) कार्यशालाओं तथा संगोष्ठियों का आयोजन –
समिति द्वारा उच्च अधिकारियों के लिए राजभाषा प्रबंधन पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाए ।
समिति द्वारा एक राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन करने का निर्णय लिया गया ।
हिंदी में वैज्ञानिक लेखन को बल देने के लिए वैज्ञानिकों के लिए समिति के तत्वावधान एक संगोष्ठी के आयोजन की जरूरत के संबंध में चर्चा के दौरान संगोष्ठी के प्रायोजन की स्वीकृति केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान के निदेशक सह परियोजन समन्वयक डॉ. ना. गोपालकृष्णन जी ने दी । यह कार्यक्रम निकट भविष्य में आयोजित करने का निर्णय लिया गया ।
(x) पत्रिका का प्रकाशन - समिति की पत्रिका को यथाशीघ्र प्रकाशित करने हेतु सदस्य-कार्यालयों के प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वे अपने कार्यालय / संस्थान का परिचय सहित राजभाषा कार्यान्वयन की गतिविधियों से संबंधित सचित्र जानकारी, मौलिक रचनाएँ तथा कार्यालय, संस्थान आदि अपने विभागीय गतिविधियों से संबधित रिपोर्ट भी यथाशीघ्र भेजें । पत्रिका में प्रकाशनार्थ विज्ञापन जारी करने का अनुरोध-पत्र सदस्य-कार्यालयों को भेजने का निर्णय लिया गया ।
(xi) सदस्य-निर्देशिका का प्रकाशन – नराकास सदस्य-निर्देशिका के प्रकाशन के लिए अपेक्षित सूचना तुरंत उपलब्ध कराने का अनुरोध सभी कार्यालयों के प्रधानों से किया गया । विचार-विमर्श के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि समिति द्वारा भेजे गए पत्रों की प्रतिक्रिया जिन कार्यालयों से बिल्कुल नहीं मिल रही हैं, वहाँ कार्यदल के सदस्य पहुँचकर अपेक्षित जानकारी हासिल करेंगे ।
(xii) वर्ष 2010-11 के लिए अंशदान – न.रा.का.स. की गतिविधियों के लिए सदस्य-कार्यालयों द्वारा वर्ष 2010-11 के लिए रु.1000/ – (रुपए एक हजार मात्र) अंशदान के रूप में प्राप्त करने का प्रस्ताव पिछली बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया । बैठक की तिथि तक अंशदान जमा करने वाले कार्यालयों की सूची का परिचालन भी बैठक में किया गया ।
8. कार्यदल के कार्यों की समीक्षा – समिति के सदस्य-कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति हेतु आवश्यक मार्गदर्शन देने के लिए गठित कार्यदल अगली छमाही के दौरान विभिन्न कार्यालयों का दौरा करेगी ।
9. अनुवाद प्रशिक्षण – समिति के सदस्य-कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन के कार्य में संलग्न हिंदी अनुवादकों, हिंदी सहायकों, हिंदी अधिकारियों को बैंगलूर स्थित केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के अनुवाद केंद्र में प्रशिक्षण हेतु नामित किया जाए । आवश्यकतानुसा गैर-हिंदी स्टॉफ़ को भी प्रशिक्षण में नामित किया जा सकता है ।
अंत में सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ ही बैठक सुसंपन्न हुई।

Monday, June 28, 2010

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक 6 जुलाई को

Half-Yearly Meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Coimbatore will be held on 6th July

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अगली अर्द्ध-वार्षिक बैठक दिनांक 6-7-2010 को अपराह्न 2:30 बजे कम्यूनिटी हाल, बी.एस.एन.एल. स्टॉफ क्वार्टर्स (पी.एंड टी. क्वार्टर्स), एन.एस.आर. रोड, साई बाबा कालोनी, कोयंबत्तूर-641011 (दूरभाष/Phone:2432466, 2443700) में आयोजित की जाएगी। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशों के अनुपालन में कार्यालय प्रधान का बैठक में उपस्थित होना अनिवार्य है।

Half-Yearly meeting of the TOLIC, Coimbatore will be convened on 6-7-2010 at 2:30 p.m. at the Community Hall, BSNL Staff Quarters (P & T Quarters), NSR Road, Sai Baba Colony, Coimbatore - 641 011 (Ph. No: 2432466, 2443700). In compliance with the directions issued by the Govt. of India, Ministry of Home Affairs, Dept. of Official Language, the Head of the Office has to attend the meeting. Hence it is requested kindly to attend the above said meeting without fail.

Tuesday, December 1, 2009

कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह संपन्न/HALF-YEARLY MEETING & HINDI DAY CELEBRATIONS OF TOLIC HELD







कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह संपन्न

कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठक एवं हिंदी दिवस समारोह दि.1 दिसंबर, 2009 को सुसंपन्न हुआ । बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्री बी.एस.वी. शर्मा, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त ने की । बैठक का शुभारंभ श्रीमती ए. चित्रा के प्रार्थना गीत से हुआ । समिति के सदस्य-सचिव एवं कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के सहायक निदेशक (राजभाषा) डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने सभी अधिकारियों तथा प्रतिनिधियों का स्वागत किया और समिति की गतिविधियों का परिचय दिया ।
समिति के अध्यक्ष श्री बी.एस.वी. शर्मा जी ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग को बढ़ावा देना हमारा दायित्व है । अपने-अपने विभाग, कार्यालय के मूल कार्यों करने को हम जितना महत्व देते है, राजभाषा कार्यान्वयन को भी उतना ही महत्व दिया जाए । उन्होंने कहा कि कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति अपने उद्देश्यों एवं कार्यों में काफ़ी सक्रिय है एवं राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में सामयिक चेतना के साथ गतिशील है । सरकारी कार्यालयों में हिंदी सीखने के लिए कई अवसर व सुविधाएँ मिलती हैं । इनका लाभ उठाते हुए सबको हिंदी सीखना चाहिए । उन्होंने कुछ प्रेरक उदाहरण देते हुए बताया कि भाषाओं को आसानी से किस तरह सीखी जा सकती हैं और भाषाओं के ज्ञान से कार्यसाधन में कितनी सुविधा होती है । हिंदी फिल्मों के माध्यम से भी हिंदी के प्रति लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है और फिल्मों के नामों और गानों से भी कई हिंदीतर भाषी हिंदी सीख रहे हैं । कार्यालय अध्यक्षों से उन्होंने अनुरोध किया कि वे अपने कार्यालय में हिंदी कार्यान्वयन में उचित नेतृत्व का वहन करें, अच्छी शुरूआत करते हुए अपने स्टॉफ को हिंदी सीखने के अवसर प्रदान करें जिससे उन्हें हिंदी में कार्य करने की अच्छी प्रेरणा भी मिल जाएगी । हिंदी सीखने वालों से हिंदी में काम भी लिया जाए ।
अंत में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए उन्होंने सभी कार्यालय अध्यक्ष के प्रति आभार ज्ञापन किया तथा वार्षिक पुरस्कार विजेता कार्यालयों, नराकास हिंदी माह के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को बधाई दी ।
सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने बताया कि हर वर्ष मई तथा अक्तूबर महीनों में संपन्न होनेवाली समिति की अर्द्ध-वार्षिक बैठकों में कार्यालय प्रधानों का उपस्थित होना तथा समीक्षार्थ राजभाषा कार्यान्वयन की अर्द्ध-वार्षिक रिपोर्ट समिति को समय पर प्रस्तुत करना आवश्यक है । राजभाषा नियम, 1976 के नियम 12 के अनुसार कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन का दायित्व कार्यालय प्रधान का होता है । उन्हें अपने दयित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाने की दिशा में आपसी विचार-विमर्श के लिए एक संयुक्त मंच के रूप में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की विशिष्ट भूमिका रहती है । राजभाषा कार्यान्वयन में आनेवाली कठिनाइयों के संबंध में अपेक्षित मार्गदर्शन भी बैठक में प्राप्त किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि कोयंबत्तूर नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की विशिष्टता यह है कि सूचना प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते हुए समिति द्वारा अद्यतन सूचनाएँ समिति के कार्यालयों को दी जाती हैं । समिति का वेबसाइट भी समय पर अपडेट किया जाता है । बैठक के दिन ही बैठक की पूरी कार्यवाही वेबसाइट में प्रकाशित करनेवाली यह एकमात्र समिति है ।
सदस्य-कार्यालयों के उपयोगार्थ राजभाषा साधन के नाम से सी.डी. बनाकर वितरित किया गया है जिसमें राजभाषा कार्यान्वयन में उपयोगी कई महत्वपूर्ण साधन शामिल किए गए हैं । समिति द्वारा आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी कार्यशालाओं द्वारा कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा मिला है ।
सदस्य-सचिव ने यह भी जानकारी दी कि हिंदी शिक्षण योजना का लाभ उठाते हुए कार्यालय के स्टॉफ को हिंदी भाषा, टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण दिलवाया जाए । नियमित कक्षाओं में किसी करणवश किन्हीं स्टॉफ सदस्यों को शामिल नहीं किया जा सकता तो उन्हें पत्रचार प्रशिक्षण अथवा राजभाषा विभाग के पोर्टल के माध्यम से चलाए जा रहे लीला प्रबोध प्रवीण एवं प्राज्ञ ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के मध्यम से प्रशिक्षण दिलवाया जा सकता है । राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कंप्यूटरों में हिंदी के प्रयोग बढ़ाने पर भी उन्होंने बल दिया और सभी कार्यालय अध्यक्षों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि कंप्यूटर पर प्रयोग में लाए जाने वाले पत्रशीर्ष को अनिवार्यतः द्विभाषी रूप में प्रयोग में लाए जा रहे हैं ।
तदनंतर सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई । बैठक में चर्चित महत्वपूर्ण मद इस प्रकार हैं –
Ø हिंदी शिक्षण योजना के अगले सत्र में प्रशिक्षणार्थ स्टॉफ को नामित करने के संबंध में चर्चा की गई । हिंदी प्राध्यापक से इस संबंध में पूरी जानकारी दी गई । सदस्य-सचिव ने कहा कि सरकारी आदेशानुसार प्रशिक्षण के लिए शेष पदधारियों में से 20 प्रतिशत पदधारियों को नामित किया जाए और 2015 तक प्रशिक्षण पूरा किया जाए । दिसंबर, 2009 के तीसरे सप्ताह तक प्रशिक्षणार्थ नामित पदधारियों की सूची हिंदी शिक्षण योजना के सर्व-कार्यभारी अधिकारी / नराकास कार्यालय को भेजी जाए । कार्यालय अध्यक्षों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे हिंदी भाषा प्रशिक्षण हेतु नामित पदधारियों से यह सुनिश्चित करें कि वे कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित रहकर, परीक्षा में अनिवार्यतः शामिल होकर प्रशिक्षण सफलता पूरा कर रहे हैं ।
Ø हिंदी टंकण एवं आशुलिपि प्रशिक्षण की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु रिक्त सहायक निदेशक (टंकण एवं आशुलिपि) पद तैनाती होने की जानकारी समिति को दी गई और अगले सत्र में पदधारियों को नामित करने का अनुरोध कार्यालय अध्यक्षों से किया गया ।
Ø समिति की ओर से नियमित रूप से कोयंबत्तूर में कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी ।
Ø सभी कार्यालयों में राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) में निर्धारित 14 प्रकार के दस्तावेज द्विभाषी रूप में जारी करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
Ø राजभाषा विभाग द्वारा वार्षिक कार्यक्रम में ‘ग’ क्षेत्र में पत्राचार के लिए निर्धारित लक्ष्य 55 प्रतिशत हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
Ø राजभाषा नियम, 1976 के नियम-11 का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी रबड़ मुहरें तथा कार्यालय के नामपट्ट, सूचना पट्ट आदि नियमानुसार द्विभाषी / त्रिभाषी रूप में बनवाना सुनिश्चित किया जाए ।
Ø राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2009-10 के लिए जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित सभी लक्ष्य हासिल करने हेतु प्रयास किया जाए ।
Ø समिति की पत्रिका तथा सदस्य-निर्देशिका का प्रकाशन यथाशीघ्र किया जाए । सदस्य-निर्देशिका प्रकाशन में अपेक्षित सूचना एकत्रित करने हेतु समिति का कार्यदल सदस्य-कार्यालयों का दौरा करेगा । निर्देशिक के प्रकाशन के पंद्रह दिन पूर्व मसौदे का प्रकाशन वेबसाइट में किया जाएगा ।
बैठक की कार्यवाही समाप्त होने के बाद हिंदी दिवस समारोह मनाया गया । राजभाषा कार्यान्वयन में श्रेष्ठ कार्य-निष्पादन हेतु वार्षिक पुरस्कारों का वितरण समिति के अध्यक्ष श्री बी.एस.वी. शर्मा एवं अन्य कार्यालय अध्यक्षों के कर कमलों से किया गया । पुरस्कार वितरित करनेवाले कार्यालय अध्यक्षों में श्री एम.आर. वासुदेव, विमानपत्तन निदेशक, जे. कमलनाथन, निदेशक, आकाशवाणी, श्री जी. भास्कर, निदेशक, भारतीय मानक ब्यूरो, श्री जी. मुरलीधरन, महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड, डॉ. ना. गोपालकृष्णन, परियोजना समन्वयन (कपास) एवं अध्यक्ष, केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, श्री डी. कन्नन, कमांडेंट, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, रा. गोपाल कृष्णन, वेयर हाऊस प्रबंधक, श्री वी.के. सिन्हा, शाखा प्रबंधक, भारतीय कपास निगम लिमिटेड, श्री सी.एन. रवींद्रनाथ, संयुक्त निदेशक, श्री क्यू. मोहियुद्दीन, प्रबंधक, भारत सरकार मुद्रणालय, श्री जी.के.के.वी. उमाशंकर, वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड, श्री पी.एस. चंदन, शाखा प्रबधक, हडको, श्री एम. सेल्वराज, स्टेशन प्रबंधक, एयर इंडिया, श्री के. नल्लप्पन, प्राचार्य, केंद्रीय विद्यालय, डॉ. एम. राजेश्वरी, प्रधानाचार्या, केंद्रीय विद्यालय, सूलूर, श्री सुदर्शन मलिक, मुख्य प्रबंधक, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, श्री एम.एम. चोक्कलिंगम, मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी), नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन लिमिटेड, श्री पी. दुरैसामी, अधीक्षक, डाक भंडार डिपो, श्री पी. राजगोपालन, कंपनी पंजीयक, श्री जी. गुरुनाथन, वरिष्ठ डाकघर अधीक्षक, श्री एम.एम. रामलिंगम, वरिष्ठ क्षेत्र अधिकारी, श्री एम.के. गोगोई, शाखा प्रबंधक, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, श्रीमती के. उषा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, गन्ना प्रजनन संस्थान आदि शामिल हैं ।
सरकारी कार्यालय वर्ग में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन एवं कर्मचारी राज्य बीमा निगम को विशिष्ट पुरस्कार, केंद्रीय विद्यालय, सूलूर को प्रथम पुरस्कार, एस एंड टी कर्मशाला को द्वितीय पुरस्कार तथा केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए ।
इनके अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय विद्यालय, कंपनी पंजीयक का कार्यालय, आयकर कार्यालय, गन्ना प्रजनन संस्थान, केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड और संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार कार्यालय को शंसा पत्र प्रदान किए गए ।
सरकारी उपक्रम वर्ग के अंतर्गत नेशनल टेक्सटाईल कार्पोरेशन लिमिटेड एवं भारतीय कपास निगम लिमिटेड को विशिष्ट पुरस्कार, भारत संचार निगम लिमिटेड को प्रथम पुरस्कार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को द्वितीय पुरस्कार तथा भारतीय खाद्य निगम को तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए ।
इनके अलावा राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय, युनाइटेड इंडिया एश्योरेंस कं.लि., स्पैसेस बोर्ड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के इरुगूर इंस्टलेशन को शंसा पत्र प्रदान किए गए ।
श्रेष्ठ राजभाषा पत्रिकाओं के लिए दिए जाने वाले वार्षिक पुरस्कारों के अंतर्गत सरकारी कार्यालय वर्ग में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा प्रकाशित कोंगु निधि को प्रथम पुरस्कार, आयकर कार्यालय द्वारा प्रकाशित आयकर प्रसून को द्वितीय पुरस्कार, केंद्रीय विद्यालय, सूलूर द्वारा प्रकाशित विद्यालय पत्रिका के लिए तृतीय पुरस्कार तथा सरकारी उपक्रम वर्ग में भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा प्रकाशित अमृतवाणी को प्रथम पुरस्कार एवं युनाइटेड इंडिया इंश्यूरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रकाशित सिरुवाणी को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किए गए ।
बैठक में विमानपत्तन निदेशक श्री वासुदेव, राष्ट्रीय हथकरघा निगम के वरिष्ठ प्रबंधक श्री मलिक, स्पैसेस बोर्ड के प्रधान श्री रामलिंगम, नेशनल टेक्सटाइल कार्पोरेशन लिमिटेड को मुख्य महाप्रबंधक श्री एम. चोक्कलिंगम, सहायक प्रबंधक (राजभाषा) श्री यू,एन. त्रिपाठी, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री उमाशंकर, गन्ना प्रजनन संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंद्रगुप्ता आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।
समिति के द्वारा आयोजित हिंदी सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कारों का वितरण किया गया । अंत में सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ ही बैठक सुसंपन्न हुई।

Tuesday, November 24, 2009

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक

Half-Yearly Meeting of the Town Official Language Implementation Committee, Coimbatore

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की अगली अर्द्ध-वार्षिक बैठक दिनांक 1-12-2009 को अपराह्न 2:00 बजे कम्यूनिटी हाल, बी।एस.एन.एल. स्टॉफ क्वार्टर्स (पी.एंड टी. क्वार्टर्स), एन.एस.आर. रोड, साई बाबा कालोनी, कोयंबत्तूर-641011 (दूरभाष/Phone:2432466, 2443700) में आयोजित की जाएगी। भारत सरकार, गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा जारी निदेशों के अनुपालन में कार्यालय प्रधान का बैठक में उपस्थित होना अनिवार्य है।

Half-Yearly meeting of the TOLIC, Coimbatore will be convened on 1-12-2009 at 2:00 p.m. at the Community Hall, BSNL Staff Quarters (P & T Quarters), NSR Road, Sai Baba Colony, Coimbatore - 641 011 (Ph. No: 2432466, 2443700). In compliance with the directions issued by the Govt. of India, Ministry of Home Affairs, Dept. of Official Language, the Head of the Office has to attend the meeting. Hence it is requested kindly to attend the above said meeting without fail.

Wednesday, October 14, 2009

पुदुच्चेरी में क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन एवं राजभाषा पुरस्कार वितरण संपन्न

राष्ट्रीय स्वाभिमान और सुविधा की दृष्टि से हिंदी ही उपयुक्त संपर्क भाषा होगी – अजय माकन

जवाहरलाल नेहरु स्नातकोत्तर चिकित्सकीय शिक्षा एवं शोध संस्थान (जिपमेर), पुदुच्चेरी के प्रेक्षागृह में क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन आज सुबह 10 बजे माननीय केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्री अजय माकन जी ने द्वीप प्रज्वलन के साथ किया ।
भारत एक विशाल देश है, जहाँ कई भाषाएँ और बोलियाँ बोली जाती है किंतु भारत की सभी भाषाओं की आत्मा एक ही है, जो भारतीयता का समान संदेश देती रही हैं । हमारी सामासिक संस्कृति का केंद्र बिंदु एक ही रहा है, भले ही इसकी अभिव्यक्ति का माध्यम विभिन्न भाषाएँ रही हों । हमारे महान देश में भाषाओं की विभिन्नता इसकी मूलभूत एकता में कभी बाधक नहीं रही है । इनके भीतर भारतीयता सतत रूप से प्रवाहित रही है । इस एकता में भारतीय भाषाओं में रचित साहित्य का बड़ा योगदान रहा है । यदि हम भारती की विभिन्न भाषाओं में रचित साहित्य पर दृष्टि डालें, तो यह तथ्य सहज ही स्पष्ट हो जाएगा कि कश्मीर से कन्याकुमारी और सौराष्ट्र से कामरूप तक सभी लेखकों और कवियों ने अपनी रचनाओं में समसामयिक विचारधारा से प्रभावित होकर अपनी-अपनी भाषाओं में अपने विचारों की अभिव्यक्ति की है ।
हमें संघ की राजभाषा हिंदी के साथ-साथ सभी अन्य भाषाओं-बोलियों का संरक्षण भी करना है ताकि विकास, रोजगार और पनर्वास की प्रक्रिया के कारण ये विलुप्त न हो जाए । भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं होती है । अपितु इससे बोलने वालों की संस्कृति और संस्कार भी जुड़े होते हैं ।
हमारे देश के संविधान ने हम सबके ऊपर भारतीय भाषाओं के विकास का दायित्व सौंपा है । इस जिम्मेदारी का निर्वाह हमें धैर्य, लगन और विवेकपूर्ण ढंग से करना है । कोई भी भाषा तभी समृद्ध हो सकती है और जनता द्वारा उसका तभी स्वागत होता है जब वह अपने आपको पुराने मापदंडों से बांध कर न रखे । हिंदी के स्वरूप में भी भारतीय समाज और संस्कृति की विविधता और एकता, विज्ञान और प्रौद्योगिकी की पारिभाषिक स्पष्टता, दर्शन और धर्म की व्यापकता प्रतिबिंबित होनी चाहिए । संपर्क भाषा के रूप में हिंदी का व्यापक प्रयोग सदैव से ही होता रहा है । यहां तक कि अंग्रेजों को भी अपना शासन चलाने के लिए टूटी-फूटी ही सही पर हिंदी ही हितकर लगी और आज बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने उत्पादकों को बेचने के लिए हिंदी व अन्य भाषाओं का प्रयोग कर रही हैं । अप भारत के किसी भी प्रांत में चले जाएं, वहाँ आपकों हिंदी का प्रयोग अवश्य मिलेगा । हिंदी का व्यापक जनाधार और यह धीरे-धीरे परंतु निश्चित रूप से बढ़ता ही जा रहा है ।
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान स्वराज, स्वदेशी और स्वभाषा पर जोर दिया गया था । उस समय यह समझा गया था कि बिना स्वदेशी व स्वभाषा के स्वराज सार्थक नहीं होगा । हमारे राष्ट्रीय नेताओं की यह दृढ़ धारणा थी कि कोई भी देश अपनी स्वतंत्रता को अपनी भाषा के अभाव में मौलिक रूप से परिभाषित नहीं कर सकता, उसे अनुभव नहीं कर सकते । उन महापुरुषों की मान्यता थी कि यदि हमें भारत में एक राष्ट्र की भावना सुदृढ़ करनी है तो एक संपर्क भाषा होना नितांत आवश्यक है और राष्ट्रीय स्वाभिमान और सुविधा की दृष्टि से हिंदी ही उपयुक्त संपर्क भाषा होगी । उन महापुरुषों में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जी का नाम विशेष रूप से स्मरणीय है । उन्होंने कहा था “अगर आज हिंदी भाषा मान ली गई तो इसलिए नहीं कि वह किसी प्रांत विशेष की भाषा है, बल्कि इसलिए कि वह अपनी सरलता, व्यापकता तथा क्षमता के कारण सारे देश की भाषा है ।”
हिंदी और भारतीय भाषाओं के संवर्धन एवं विकास में दक्षिस भारत के संतों, मनीषियों आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है । यहाँ के अनेक साहित्यकारों ने हिंदी साहित्य की सभी विधाओं पर उत्कृष्ट साहित्य की रचना की है । उनके कृतित्व व व्यक्तित्व से भारतीय संस्कृति, साहित्य, भाषा और कला को संबल मिला है जिससे जन-साधारण लाभान्वित हुआ है । हिंदी प्रचार-प्रसार के कार्य में स्वैच्छिक हिंदी संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है । तमिलनाडु, केरल, आंद्र प्रदेश, कर्नाटक आदि प्रांतों की हिंदी की स्वैच्छिक संस्थाओं ने इस संबंध में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाई है । इन संस्थाओं के माध्यम से हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं का पारस्परिक आदान-प्रदान, समन्वय एवं सामंजस्य बढ़ा है । परिणामस्वरूप हिंदीतर भाषा लोगों में हिंदी के प्रति इन संस्थाओं से जुड़े व्यक्तियों ने जिस निष्ठा एवं समर्पणभाव से राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य को आगे बढ़ाया है, उसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, कम है ।
मैं मानता हूँ कि कोई भी राष्ट्र अपना भाषा के बिना गूंगा हो जाता है । विचारों की अभिव्यक्ति रुक जाती है । कोई भी लोकतांत्रिक व्यवस्था लोकभाषा के अभाव प्रभावहीन हो जाता है । स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हमने लोकतांत्रिक व्यवस्था अपनाई है । हमारी व्यवस्था लोक-कल्याणकारी है । सरकार की कल्याणकारी योजनाएं तभी प्रभावी मानी जाएंगी जब आम जनता उनसे लाभान्वित होगी । इसके लिए आवश्यक है कि शासन का काम-काज आम जनता की भाषा में निष्पादित किया जाए ।
एक जनतांत्रिक देश की सरकार और शासन को, जनता की भावनाओं के प्रति निरंतर सजग रहना पड़ता है । शासन एवं प्रशासन और जनता के मध्य संपर्क के लिए भाषा का बहुत ज्यादा महत्व है । शासन के कार्यक्रमों की सफलता या विफलता तथा शासन की छवि, इस पर निर्भर होते हैं कि उन्हें जनता कि कितना सहयोग मिलता है । हिंदी देश या प्रांतों की सीमाओं से बंधी नहीं है । यह एक उदारशील भाषा है जो अन्य भाषाओं से नित नए शब्द ग्रहण कर और अधिक संपन्न हो रही है । इससे हिंदी का विकासोन्मुखी रूप प्रकट होता है । इसे देश के विकास के सभी पहलुओं से जोड़ना है । अतः यह आवश्यक है कि विभिन्न कार्यक्षेत्रों से संबंधित विषयों के अनुरूप हिंदी में कार्यालय-साहित्य का निर्माण हो ।
संघ के राजकीय कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाना हमारा संवैधानिक व नैतिक दायित्व है । केंद्रित कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों आदि में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाना हमारा संवैधानिक व नैतिक दायित्व है । केंद्रीय कार्यालयों, उपक्रमों, बैंकों आदि में हिंगी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए राजभाषा विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएँ चलाई जाती हैं । प्रतिवर्ष एक वार्षक कार्यक्रम भी जारी किया जाता है । केंद्रीय सरकार के कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग क्रमिक रूप से बढ़ रहा है लेकिन इसमें और तेजी लाने की आवश्यककता है । राजभाषा विभाग इस दिशा में प्रयत्नशील है । मुझे विश्वास है कि आप सभी के सहयोग से लक्ष्यों की प्राप्ति की प्राप्ति हो सकेगी ।
आज का युग सूचना प्रौद्योगिकी का युग है । हर क्षेत्र में इसका प्रयोग पढ़ता जा रहा है । हिंदी भाषा का प्रयोग बढ़ता जा रहा है । हिंदी भाषा का प्रयोग बढ़ाने के लिए भी सूचना प्रौद्योगिकी को अपनाना जरूरी हो गया है । अब तक कंप्यूटर पर हिंदी के प्रयोग के संबंध में आती रही अधिकांश समस्याओं का कारण मानक भाषा एनकोडिंग यानि यूनिकोड से भिन्न एनकोडिंग प्रयोग रहा है । आज के कंप्यूटर पर यूनिकोड में हिंदी प्रयोग करने की प्रभावी सुविधा उपलब्ध है । आवश्यकता है इन सुविधाओं के प्रयोग करने संबंधी जागरूकता की । अंग्रेजी प्रयोग को सूचना प्रौद्योगिकी में हुए विकास का पूरा लाभ मिला है । हिंदी प्रयोग के लिए भी ये सब सुविधाएँ उतनी ही सहजता से उपलब्ध हो सके इसके लिए अधिकारियों एवं विद्वानों को लेकर तीन समितियाँ गठित की गई है । ये समितियाँ हिंदी प्रयोगकर्ता की साफ्टवेयर संबंधी आवश्यकताओं की प्रभावी पूर्ति एवं हिंदी प्रयोगकर्ता में तकनीकी प्रयोग संबंधी जागरूकता पैदा करने के संबंध में सुझाव देंगी । मुझे यकीन है कि इन सुझावों पर अमल हिंदी प्रयोगकर्ता तक सूचना प्रौद्योगिकी में हुए विकास के लाभ को पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान होगा ।
यह अच्छी बात है कि हम हर क्षेत्र में विशेष उपलब्धियाँ हासिल करने वालों को सम्मानित करते हैं । सम्मेलन में आज कई संगठनों ने पुरस्कार प्राप्त किए हैं । मैं पुरस्कार प्राप्त करने वालों को पुनः बधाई देता हूँ । पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं का यह दायित्व बनता है कि वे अपने पूरे संगठन में राजभाषा हिंदी के प्रयोग-प्रसार को स्थायी रूप दें और अन्य संगठनों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें । शेष संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों के अपेक्षा है कि वे संविधान द्वारा सौंपे गए इस दायित्व का निर्वाह उसी निष्ठा और तत्परता से करें जिस निष्ठा से वि अपने अन्य दायित्वों को निभाते हैं ।
अपने अध्यक्षीय भाषण में सचिव, राजभाषा विभाग डॉ. प्रदीप कुमार ने कहा कि वैश्वीकरण के दौर में हिंदी के भविष्य को लेकर चिंता के स्वर सर्वत्र सुनाई पड़ रहे हैं, मगर इस संबंध में किसी चिंता या परेशानी की जरूरत नहीं है । जब तक भारतीय संस्कृति का अस्तित्व रहेगा, तब तक हिंदी और भारतीय भाषाएँ जिंदा रहेंगी । आज विदेशी मुल्क हमारे देश की ओर आकर्षित हो रहे हैं । बहु-राष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारत बहुत बड़ा बाजार है । ग्रामीण जनता के साथ उनकी भाषा में बातचीत करने में ही इन कंपनियों की सफलता निर्भर करेगी । इस आलोक में भारतीय भाषाओं का भविष्य उज्जवल है ।
केंद्रीय विद्यालय की नन्हीं छात्राओं द्वारा भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । राजभाषा विभाग के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार जी की अध्यक्षता में संपन्न उद्घाटन सत्र में राजभाषा विभाग के संयुक्त सचिव श्री डी.के. पांडेय जी ने स्वागत भाषण दिया । जिपमेर के निदेशक डॉ. के.एस.वी.के. सुब्बाराव जी ने विशिष्ट अतिथि के रूप में संबोधित किया । दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में राजभाषा कार्यान्वयन की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने प्रस्तुत की । अंत में केंद्रीय विद्यालय, पुदुच्चेरी के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की ।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता राजभाषा विभाग के सचिव डॉ. प्रदीप कुमार जी ने किया । विचार-विमार्श पर केंद्रित इस सत्र में डॉ. बालशौरि रेड्डी जी ने तमिलनाडु में हिंदी के उद्भव और विकास पर तथा डॉ. एम.के. श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वि.प्र.), ने भाषा, संस्कृति, समाज और स्वास्थ्य – एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर व्याख्यान दिए । इसी सत्र में दक्षिण क्षेत्र में राजभाषा कार्यान्वयन की रिपोर्ट डॉ. विश्वनाथ झा, उप निदेशक (कार्यान्वयन) ने प्रस्तुत की । अंत में डॉ. वी. बालकृष्णन, उप निदेशक (कार्यान्वयन) के धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्मेलन सुसंपन्न हुआ ।
दि.9 अक्तूबर, 2009 को पुदुच्चेरी में क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलन के अवसर पर माननीय गृह राज्य मंत्री, श्री अजय माकन जी के करकमलों से राजभाषा पुरस्कार (वर्ष 2008-09) प्राप्त करनेवाले कार्यालयों की सूची इस प्रकार है ।
दक्षिण क्षेत्र (आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक)
सरकारी कार्यालय वर्ग
राष्ट्रीय रेशमकीट बीच संगठन, बैंगलूर – प्रथम
कुक्कुट परियोजना निदेशालय, हैदराबाद – द्वितीय
मुख्य नियंत्रण सुविधा, अंतरिक्ष विभाग, हासन – तृतीय
उपक्रम
भारतीय कपास निगम लिमिटेड, शाखा कार्यालय, आदिलाबाद – प्रथम
प्रतिभूति मुद्रणालय, हैदराबाद – द्वितीय
भारत संचार निगम लि., विजयवाडा – तृतीय
बैंक
कार्पोरेशन बैंक, आंचलिक कार्यालय, हुबली – प्रथम
कार्पेरेशन बैंक, आंचलिक कार्यालय, उडुपि – द्वितीय
भारतीय स्टेट बैंक, स्थानीय प्रधान कार्यालय, हैदराबाद – तृतीय
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति
भद्रावती-शिमोगा (सरकार कार्यालय) – प्रथम
हैदराबाद (बैंक) – द्वितीय
बैंगलूर (कार्यालय) – तृतीय
दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र (तमिलनाडु, केरल, पांडिच्चेरी एवं लक्ष्यद्वीप केंद्रशासी प्रदेश)
सरकारी कार्यालय
मुख्य आयकर आयुक्त का कार्यालय, तिरुवनंतपुरम – प्रथम
राष्ट्रीय कैडेट कोर निदेशालय, केरल और लक्षद्वीप, तिरुवनंतपुरम – प्रथम
मुख्य आयकर आयुक्त का कार्यालय, कोचिन – तृतीय
उपक्रम
प्रधान महाप्रबंधक, भारत संचार निगम लिमिटेड, कोलिक्केड – प्रथम
हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट लिमिटेड, कोट्टयम - द्वितीय
हिंदुस्तान इन्सेक्टिसाइड्स लिमिटेड, कोचिन – तृतीय
बैक
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, एरणाकुलम – प्रथम
सिंडिकेट बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, कोयंबत्तूर – द्वितीय
कार्पोरेशन बैंक, अंचल कार्यालय, कोचिन – तृतीय
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति
कालीकट (कार्यालय) – प्रथम
चेन्नै (बैंक) – द्वितीय
पुदुच्ची (कार्यालय) – तृतीय

प्रस्तुति – डॉ. सी. जय शंकर बाबु, संपादक, युग मानस

Friday, September 25, 2009

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन, इरूगुर इन्स्टलेशन में हिंदी पखवाड़ा संपन्न

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन, इरूगुर इन्स्टलेशन में हिंदी पखवाड़ा २००९ का आयोजन सितंबर १ से १५ तक किया गया । हिंदी पखवाड़ा का उद्घाटन डिपो प्रबंधक श्री एस वी वेंकटेश कुमारजी ने किया । पखवाड़े का आयोजन करने का उद्देश्य कार्यालय में राजभाषा कार्य कैसे करते हैं , क्या करना हैं , प्रदान कार्यालय द्वारा घोषित हिंदी कार्य करने पर दिये जाने वाले प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में उन्होंने सदस्यों को सूचना दी ।

सभा का स्वागत श्री अर्जुन बाबु ने किया और श्री के एस बैजू , हिंदी समन्वयक ने धन्यवाद अदा किया ।
पखवाड़ा के दौरान आयोजित प्रस्नोत्तरी प्रतियोगिता तथा मूकाभिनय प्रतियोगिता में सभी स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया । समापन सभा में विजेताओं को पुरस्कार दिया और प्रतियोगिता में भाग लिये सदस्यों को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया ।

Sunday, September 13, 2009

हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ

हिंदी दिवस का संकल्प

भारतीय संस्कृति एवं विरासत की रक्षा तथा भारत की सार्थक उन्नति के लिए संकल्पबद्ध भारतीय संविधान की मूलभावना भारतीय भाषाओं की श्रीवृद्धि के पक्ष में है । आइए आज हम संकल्प करें भारतीय भाषाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध होने का, भारतीय भाषाओं का निष्ठापूर्वक प्रयोग, प्रचार एवं प्रसार करने का । हमारे प्रयासों से जनमानस की भाषाएं विकसित हो, भारत की एकता एवं अखंडता बनी रहे ।

Wednesday, September 2, 2009

नराकास, कोयंबत्तूर की सूचना-प्रौद्योगिकी कार्यशाला सुसंपन्न

कार्यशाला उद्घाटन सत्र को अध्यक्ष एवं प्रतिभागियों का स्वगत करते हुए सदस्य-सचिव डॉ. बाबु



कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर दीप प्रज्वलन करते हुए अध्यक्ष नराकास श्री बी.एस.वी. शर्मा



कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर दीप प्रज्वलन करते हुए नराकास के सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु


प्रतिभागियों को अध्यक्ष महोदय का संबोधन


प्रतिभागी

प्रतिभागी

समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री सी.एन. रवींद्रनाथ जी


सूचना प्रौद्योगिकी कार्यशाला सुसंपन्न

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर के सदस्य कार्यालयों के पदधारियों के प्रशिक्षण हेतु आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी कार्यशाला का आज दि. 2 सितंबर, 2009 की सुबह 10 बजे शुभारंभ हुआ । भारत संचार निगम लिमिटेड के साई बाबा कालोनी स्थित सम्मेलन कक्ष में श्री बी.एस.वी. शर्मा, अध्यक्ष, नराकास, कोयंबत्तूर एवं क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया गया । उद्घाटन कार्यक्रम में समिति के सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने अतिथियों का स्वागत किया एवं कार्यशाला की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला । श्री शर्मा जी ने अपने वक्तव्य में कहा आज सूचना प्रद्योगिकी का इतना विकास हो चुका है कि वह हमारे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है । हिंदी भाषा के लिए यूनिकोड का प्रयोग करते हुए हम राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में भी प्रगति हासिल कर सकते हैं । ई-मेल, वेबसाइट आदि के लिए भी हिंदी का प्रयोग आज बहुत आसान है । ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से सीखने सुअवसर जो प्राप्त होता है, उसका सदुपयोग करें तथा राजभाषा के विकास में अपना योगदान दें ।
समिति के सदस्य-सचिव डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने अपने वक्तव्य में कहा कि कंप्यूटर एवं इंटरनेट के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं का विकास हुआ है । भाषाई कंप्यूटिंग के लिए कई साधन आन-लाइन एवं ऑफ-लाइन में भी उपलब्ध हैं । ऐसे साधनों की जानकारी एवं प्रयोग की चेतना बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में प्रतिभागी यूनिकोड का प्रयोग एवं अनुवाद औजारों के इस्तेमाल का कौशल हासिल कर सकते हैं ।
इस कार्यशाला में कुल अठारह पदधारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । भाषाई कंप्यूटिंग के लिए उपलब्ध संसाधनों तथा यूनिकोड प्रयोग के महत्व के संबंध में डॉ. सी. जय शंकर बाबु ने तथा डाटाबेसेज के संबंध में श्री संदीप कुमार ने पवरपाइंट प्रस्तुति के माध्यम से व्याख्यान दिए । समापन सत्र में श्री सी.ए. रवींद्रनाथ, संयुक्त निदेशक, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, कोयंबत्तूर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे । उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदी सीखना बहुत आसान है । सूचना प्रौद्योगिकी का जो ज्ञान हिंदी कार्यशाला में अर्जित किया है, उसका सदुपयोग करते हुए राजभाषा कार्यान्वयन में विशिष्ट प्रगति हासिल की जा सकती है । प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं एवं प्रमाणपत्र वितरण एवं राष्ट्रगान के आलाप के साथ ही कार्यशाला सुसंपन्न हुई ।

सलीम अली पक्षि-विज्ञान एवं प्राकृतिक विज्ञान केंद्र, कोयंबत्तूर में राजभाषा कार्यान्वयन के बढ़ते कदम



हर दिन एक हिंदी शब्द सीखें

LEARN A HINDI WORD A DAY


राजभाषा कार्यान्वयन के संबंध में महामहिम राष्ट्रपति के आदेशों के अनुपालन में सलीम अली पक्षि-विज्ञान एवं प्राकृतिक विज्ञान केंद्र, कोयंबत्तूर ने प्रभारी निदेशक डॉ. पी.ए. अजीज ने दि.२.९.२००९ को हर दिन एक हिंदी शब्द सीखें प्रशिक्षण बोर्ड का शुभारंभ किया । इस बोर्ड का प्रदर्शन केंद्र के स्वगत कक्ष में स्टॉफ सदस्यों, अध्येताओं तथा आगंतुकों के लिए हर दिन आसानी से हिंदी के शब्द सीखने हेतु किया गया है ।
In compliance of Presidential Order on implementation of Official Language, Dr. P.A. Azeez, Director in charge has inaugurated the “LEARN A HINDI WORD A DAY” training board on 02.09.2009. The board is displayed at the Reception for easy learning of Hindi words on daily use by all staff and scholars of SACON and visitors.

Wednesday, August 26, 2009

वार्तालाप प्रतियोगिता के परिणाम

दि.26.8.2009 को वस्त्र आयुक्त के क्षेत्रीय कार्यालय में वार्तालाप प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । प्रतियोगिता में विभिन्न कार्यालयों के प्रतिभागियों ने भागीदारी ली । प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार हैं –

प्रथम पुरस्कार –
द्वितीय पुरस्कार –
तृतीय पुरस्कार –
सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं विजेताओं को बधाइयाँ ।

Tuesday, August 25, 2009

नराकास, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक सुसंपन्न
















नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की अर्द्ध-वार्षिक बैठक आज दि.25.8.2009 को दुपहर 2.30 से 6 बजे तक भारत संचार निगम लिमिटेड के सभा गृह में सुसंपन्न हुई । ( बैठक के मुख्य बिंदु शीघ्र ही यहाँ प्रकाशित होंगे ।)

अंत्याक्षरी प्रतियोगिता के परिणाम

आज दि.25.8.2009 को भारत संचार निगम लिमिटेड में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की ओर से अंत्याक्षरी प्रतियोगिता सुसंपन्न हुई । प्रतियोगिता में विजेताओं की सूची इस प्रकार हैं ।

प्रथम पुरस्कार -

द्वितीय पुरस्कार -

तृतीय पुरस्कार -

सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन और विजेताओं को बधाइयाँ ।

Monday, August 24, 2009

प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ नराकास राजभाषा पखवाड़ा का शुभारंभ

राजभाषा पखवाड़ा का शुभारंभ


समाचार वाचन प्रतियोगिता के आयोजन के अवसर पर श्री के.पी. लक्ष्मणन, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, श्री कृष्ण कुमार श्री, क्षेत्रीय प्रबंधक, श्री सूर्य प्रकाश, प्रशासनिक अधिकारी

समाचार वाचन प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को भेंट प्रदान करते श्री के.पी. लक्ष्मणन, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक


नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कोयंबत्तूर की ओर से दि.24 अगस्त, 2009 से 9 सितंबर, 2009 तक राजभाषा पखवाड़ा के आयोजन के क्रम में राजभाषा प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से 14 प्रतियोगिताएँ आयोजित की जा रही हैं । सर्वप्रथम हिंदी समाचार वाचन प्रतियोगिता का शुभारंभ युनाइटेड इंडिया इंश्यूरेंस कंपनी लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय में आज दि.24 अगस्त को कंपनी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक श्री के. पी. लक्ष्मणन के द्वारा किया गया । प्रतियोगिता के उद्घाटन के अवसर पर श्री लक्ष्मणन जी ने कहा कि राजभाषा के रूप में हिंदी का विकास हमारी प्रगति का सूचक है । उद्घाटन कार्यक्रम में कंपनी के प्रदेशिक प्रबंधक श्री कृष्ण कुमार श्री जी भी उपस्थित थे । प्रतियोगिता का संयोजन श्री सूर्य प्रकाश, प्रशासनिक अधिकारी ने किया ।
समाचार वाचन प्रतियोगिता में नराकास, कोयंबत्तूर के सदस्य-कार्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी ली । सभी प्रतिभागियों तथा विजेताओं को कंपनी की ओर से छोटे से भेंट भी दिए गए ।
समाचार वाचन प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथण पुरस्कार – श्रीमती कांता वी. प्रभु, प्रधान डाक घर, कोयंबत्तूर
द्वितीय पुरस्कार – श्री राजदीप कौशिक, केंद्रीय विद्यालय, मीना एस्टेट, कोयंबत्तूर
तृतीय पुरस्कार – श्रीमती रोसलीन ग्नानदीपम, केंद्रीय विद्यालय, मीना एस्टेट, कोयंबत्तूर
सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं सभी विजेताओं को बधाइयाँ

Thursday, August 20, 2009

महत्वपूर्ण सूचना / IMPORTANT NOTICE

हिंदी प्रतियोगिताएँ - 2009 परिपत्र का शुद्धि-पत्र
Corrigendum for the Circular of Hindi Competitions – 2009


नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की ओर से आयोजित होने वाली हिंदी प्रतियोगिताओं के संबंध में दि.17.8.2009 को जारी परिपत्र में निम्नवत संशोधन किया गया है:-

क्रम सं.9 में दि. 31.8.2009 को नेशनल टैक्सटाइल कार्पोरेशन में आयोजित होनेवाली प्रशासनिक शब्दावली प्रतियोगिता सुबह 10 बजे के बदले दुपहर 2 बजे आयोजित होगी ।


क्रम सं.12 में दि.8.9.2009 को केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान में दुपहर दो बजे आयोजित होनेवाली गायन प्रतियोगिता महिलाओं के लिए (पुरुषों के लिए नहीं) निर्धारित है ।


The following amendments are made in the Circular dt।17.8.2009 regarding the Hindi Competitions to be held by the Town Official Language Implementation Committee:-


Sl.No.9, Administrative Glossary Competition at National Textile Corporation Ltd., will be held on 31.8.2009 at 2 pm instead of 10 am.


Sl.No.12, Singing Competition at Central Institute of Cotton Research to be held at 2 pm on 8.9.2009 is meant for ladies (Not for Gents)


असुविधा के लिए खेद है । Inconvenience caused is deeply regretted।

संशोधित परिपत्र देखने के लिए यहाँ क्लिक कीजिए ।

Please Click here to view the Revised Circular